इकलौते बेटे शहीद कुलदीप सिंह की शहादत पर मां ने लगाए वंदे के मातरम के नारे, देखें वायरल VIDEO

झुंझुनूंं, 9 दिसम्‍बर। तमिलनाडु के कुन्नूर जिले में सीडीएस बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर क्रैश हादसे में राजस्थान के झुंझुनूं जिले के चिड़ावा क्षेत्र के गांव घरड़ाना खुर्द के कुलदीप सिंह राव भी शहीद हो गए। भारतीय वायुसेना में स्क्वॉड्रन लीडर कुलदीप सिंह का परिवार जयपुर रहता है।

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    मां ने लगाए वंदे मातरम के नारे

    मां ने लगाए वंदे मातरम के नारे

    बेटे की शहादत की खबर मिलने के बाद गुरुवार को उनकी मां कमला देवी जयपुर से पैतृक गांव घरड़ाना खुर्द पहुंची। मां कमला देवी वंदे मातरम के नारे लगाते हुए बोली कि अगर मेरे दूसरा लाल होता तो उसको भी भेजती सेना में। इकलौता बेटा शहीद होने के बाद अब बहू को भी भेजूंगी।

     पिता बोले बेटे की शहादत पर गर्व

    पिता बोले बेटे की शहादत पर गर्व

    वहीं, शहीद कुलदीप के रणधीर सिंह राव भी भारतीय वायुसेना रिटायर हो चुके हैं। राव ने कहा कि मेरे बेटे ने देश के लिए जान दी है। देश के काम आया है। उसकी शहादत पर गर्व है। बता दें कि कुलदीप सिंह राव बुधवार को सीडीएस बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर में सहायक पायलट के रूप में कोयंबटूर से सन्नूर के लिए जा रहे थे। रास्ते में हेलीकॉप्टर हादसा हो गया।

     कौन थे शहीद कुलदीप राव

    कौन थे शहीद कुलदीप राव

    कुलदीप राव का जन्म 19 जनवरी 1992 में हुआ था। 1 जनवरी 2015 में एयरफोर्स के फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर भर्ती हुए थे। पिता की पोस्टिंग के चलते मुंबई में ही बीएससी-आईटी की पढ़ाई की। फिर वायुसेना में भर्ती हो गए। 19 नवम्बर 2019 को इनकी शादी मेरठ की यशस्वी ढाका से हुई।

    घरड़ाना खुर्द में गमगीन माहौल

    घरड़ाना खुर्द में गमगीन माहौल

    बहन अभीता इंडियन कोस्ट गार्ड में डिप्टी कमांडेंट के पद पर कार्यरत है। मां कमला देवी हाउसमेकर हैं। कुलदीप की शहादत के बाद घरड़ाना खुर्द में गमगीन माहौल है।

     क्रिकेट खेलने के शैकीन थे ​कुलदीप

    क्रिकेट खेलने के शैकीन थे ​कुलदीप

    बताया जा रहा है कि शहीद की पार्थिव देह गुरुवार रात को उनके पैतृक गांव घरड़ाना खुर्द पहुंच सकती है। चचेरे भाई राजेंद्र राव ने बताया कि उनका स्वभाव बहुत ही सरल व मिलनसार था। कोई भी उनके पास जाता था तो इतना मान रखता था कि जाने को मन भी नहीं करता था। उनको क्रिकेट खेलने का शौक था। स्कूल लेवल तक क्रिकेट खेला भी है।

    दो दिन पहले आया बेटे का फोन

    पिता रणधीर सिंह राव ने बताया कि दो दिन पहले ही बेटे का फोन आया था। उससे घर की बातें हुई। स्वास्थ्य के बारे में पूछा। अप्रैल में पैतृक गांव घरडाना खुर्द भी शादी समारोह में आए थे। अगस्त में जयपुर में भी आए थे।

     सबसे पहले बहन को सूचना

    सबसे पहले बहन को सूचना

    कुलदीप सिंह राव के शहीद होने की खबर सबसे पहले वहीं कोयंबटूर में ही कोस्ट गार्ड में डिप्टी कमांडेंट के पद पर कार्यरत अभीता को ही लगी। वह एयर फोर्स स्टेशन गई। तब उसको पूरी जानकारी लगी।

    पत्नी भी आ रही साथ

    पत्नी भी आ रही साथ

    बेटे ने अपनी रिटायर फौजी पिता का भी हौसला बढ़ाया। बोलीं कि मेरे भाई को कुछ भी नहीं हो सकता। भाई को कुछ भी नहीं हुआ है। पत्नी भी उनके साथ ही थी। दामाद भी आर्मी में मेजर के पद पर हैं। तीनों पार्थिव देह के साथ दिल्ली आ रहे हैं।

    अंतिम संस्कार के लिए जगह की चिन्हित

    अंतिम संस्कार के लिए जगह की चिन्हित

    शहीद कुलदीप सिंह का शुक्रवार सुबह अंतिम संस्कार हो सकता है। सरपंच उम्मेद सिंह राव व पूर्व प्रधान हरपाल सिंह राव ने जगह चिन्हित की है। गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सामने वाले मैदान को जेसीबी से समतल करके सही किया जा रहा है। आसपास में पड़े पत्थरों को भी रास्ते से हटा कर रास्ते को दुरुस्त किया गया है। अंतिम संस्कार की तैयारियों के लिए नायब तहसीलदार रूप चंद मीणा व बिजली विभाग के एईएन आजाद सिंह मौके पर पहुंचे।

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