आखिर क्यों दिल्ली में भी फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने पूछे राजस्थान की झांकी को देख कई सवाल?
rajasthan news: नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर शुक्रवार को 75 वें गणतंत्र दिवस परेड में विकसित भारत में "पधारो म्हारे देश" का संदेश देते हुए निकली राजस्थान की रंग बिरंगी झांकी ने सभी का मन मोह लिया।
समारोह के मुख्य अतिथि फ्रांस राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों, राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अन्य अतिथियों तथा दर्शकों ने झांकी का जोरदार स्वागत किया।

देशभर से सजकर आई राज्यों की झांकियों में सातवें नंबर पर निकली राजस्थान की झांकी विकसित भारत में पधारों म्हारे देश का संदेश देते हुए कर्त्तव्य पथ पर शान से गुजरी।
झांकी के दोनों ओर राजस्थान की दस लोक नर्तकियां म्हारी घूमर छे नखराली.....गौर बंद नखरालों...फ्यूजन लोक संगीत की धुन के साथ पारंपरिक नृत्य करते हुए चल रही थी।
उनके अलावा झांकी के छत पर छह कलाकारो जिनमें कालबेलिया नर्तकियों के साथ ही रेगिस्तान के जहाज उंट पर सवारी करते महिला एवं पुरुष और राजस्थानी वेशभूषा में दो ग्रामीण महिलाएं कठपुतलियों के करतबों का डांस करा रही थीं।
गुरुवार को सायं की गई अपनी राजस्थान यात्रा की यादों को याद करते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने प्रदेश की मनोहारी झांकी के संबंध में जिज्ञासा वश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कई सवाल पूछें।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के साथ अनुवादक की भूमिका निभा रही केंद्रीय विदेश सचिव ने उन्हें झांकी की विशेषताओं के बारे में बताया। विशेष कर झांकी पर बैठी महिलाओं द्वारा प्रदर्शित किए जा रहें कठपुतली नृत्य के बारे में उन्हें जानकारी दी।
पधारो म्हारे देश की थीम को सभी ने बहुत पसंद किया है। प्रदेश की कला एवं संस्कृति विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के मार्गदर्शन में तैयार हुई । इसमें घूमर करती दस फीट आकार की नर्तकी की मूर्ति के शिल्प को सभी ने सराहा। घूमर राजस्थान का पारंपरिक और जग प्रसिद्ध नृत्य है जो कि प्रदेश की महिलाओं द्वारा विभिन्न उत्सवों में किया जाता है।
उन्होंने बताया कि झांकी के पिछले भाग में रेगिस्तान का जहाज कहे जाने वाले गोरबंद से सुसज्जित ऊँटो को दर्शाया गया। इसके साथ ही झांकी में विशेष राजस्थानी ग्राम्य जन जीवन को भी दर्शाया गया ।
राजस्थान की इस मनोहारी झांकी के दर्शन और दीदार अब आम लोग नई दिल्ली के लाल किला मैदान में आगामी 31 जनवरी तक चलने वाले भारत पर्व में भी कर सकेगे।
जवाहर कला केंद्र की अतिरिक्त महानिदेशक प्रियंका जोधावत, म्यूजिक कंपोजर भरत शर्मा और उप साशन सचिव नवीन यादव का विशेष योगदान रहा।












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