गहलोत को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम खत्म, जानिए क्या बोले सचिन पायलट
राजस्थानी की राजनीति में सियासी हलचल लगातार बनी हुई है। बीती 15 मई को सचिन पायलट ने अशोक गहलोत सरकार को तीन मांगों पर कार्रवाई करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था।

Rajasthan Politics: राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। वहीं, अगले साल 2024 लोकसभा के चुनाव सिर पर हैं। ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस का पूरा फोकस राजस्थान की सत्ता पर है। इस बीच कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान में आंतरिक कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। अभी दो दिन पहले ही दिल्ली में सीएम अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता सचिन पायलट के बीच हुई सुलह का रंग बदलता नजर आ रहा है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 15 दिनों के अल्टीमेटम पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि दो दिन पहले दिल्ली में मेरे द्वारा उठाए गए भ्रष्टाचार के मुद्दों पर (पार्टी नेतृत्व के सामने) चर्चा की गई थी। राज्य सरकार को भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। दरअसल, सचिन पायलट ने राज्य में पिछली बीजेपी सरकार के कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था। जिसको लेकर बीते 15 मई को सचिन पायलट ने अशोक गहलोत सरकार को तीन मांगों पर कार्रवाई करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था। साथ ही उन्होंने कहा था कि कार्रवाई नहीं होगी तो वो प्रदेश में सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
खास बात यह है कि आज मई महीने का अंतिम दिन और पायलट की डेडलाइन का भी अंतिम दिन है। अटकलें हैं कि पायलट की मांगों पर गहलोत सरकार ने उचित एक्शन नहीं लिया तो पायलट कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। उनका फैसला आंदोलन की ओर भी मुड सकता है। फैसला कुछ भी हो, लेकिन राजस्थान की सियासी तवे पर अन्य दल रोटियां सेकते नजर आएंगे।
#WATCH | "Issues of corruption raised by me were discussed (before party leadership) in Delhi the day before yesterday. State govt has to act against corruption," says Congress leader Sachin Pilot on the 15-day ultimatum to Rajasthan CM Ashok Gehlot over inaction on the alleged… pic.twitter.com/jtaR5wv1f0
— ANI (@ANI) May 31, 2023
क्या पायलेट की तीन मांगे?
- पापूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के कथित भ्रष्टाचार की जांच।
- आरपीएससी को भंग किया जाए।
- पेपर लीक के प्रभावित बच्चों को मुआवजा मिले।












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