Ruma Devi In KBC : कभी पैसों के अभाव में बेटे को खोया, अब 22000 महिलाओं को दे रहीं रोजगार, देखें VIDEO

बाड़मेर। राजस्थान के बाड़मेर की रूमा देवी 'कौन बनेगा करोड़पति' में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर पहुंच चुकी हैं। 20 सितम्बर 2019 की रात नौ बजे रूमा देवी सोनी टीवी पर केबीसी के दो घंटे के खास एपिसोड 'कर्मवीर' में बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा के साथ अमिताभ बच्चन के सवालों के जवाब देती नजर आएंगीं।

जानिए कौन हैं बाड़मेर की रूमा देवी

जानिए कौन हैं बाड़मेर की रूमा देवी

बता दें कि बाड़मेर जिले के मंगला की बेड़ी गांव की रहने वाली रूमा देवी का संघर्षों से भरा रहा है। इन्होंने वो वक्त भी देखा जब 10 किलोमीटर दूर से पानी भरकर बैलगाड़ी में घर लाती थी। 17 साल की उम्र में शादी हो जाने के कारण पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। पांच साल की उम्र में मां का निधन हो गया था। शादी के बाद कभी पैसों के अभाव में बेटे को भी खोना पड़ा। वर्तमान में राजस्थानी कशीदाकारी के जरिए राजस्थान के 75 गांवों की 22 हजार महिलाओं को रोजगार मुहैया करवा रही हैं। ये ग्रामीण एवं चेतना संस्थान की अध्यक्ष भी हैं। इन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों नारी शक्ति पुरस्कार 2019 मिल चुका है। अब रूमा देवी को केबीसी की ओर से कर्मवीर अवार्ड दिया गया है।

केबीसी से आया कॉल लगा फेक-रूमा

रूमा कहती हैं कि केबीसी से पहला कॉल आया तो मुझ लगा फेक कॉल है। फिर दूसरे दिन दुबारा कॉल आया बात हुई। तब यकीन हुआ और मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसके बाद केबीसी टीम के साथ बाड़मेर आई। उनके कामकाज और समूह की महिलाओं के साथ वीडियो शूट किए। फिर मुम्बई बुलाया गया।

इसलिए साथ नजर आएंगींं सोनाक्षी सिन्हा

बकौल रूमा देवी, मैं आठवीं उत्तीर्ण ही हूं और मेरे लिए केबीसी में खेलना मुश्किल था। इसलिए शो में मुझे मददगार की जरूरत थी। केबीसी की टीम ने किसकी मदद लेना चाहोगे के बारे में पूछा। तब सबसे पहले जेहन में नाम सोनाक्षी सिन्हा का आया। क्योंकि उनकी कई फिल्में मुझे बहुत पसंद हैं।

अमिताभ बच्चन को भी पसंद आया राजस्थान

अमिताभ बच्चन को भी पसंद आया राजस्थान

रूमा बताती हैं कि अमिताभ बच्चन जब बार-बार बाड़मेर का जिक्र कर रहे थे तो यह मेरे लिए रोमांचित करने वाला था। उन्होंने जैसलमेर से जुड़ी यादें साझा की। उन्होंने रेशमा और शेरा फिल्म की शूटिंग को अपने जीवन से बहुत करीब बताते हुए कहा कि वह इलाका अलग है।

मैं इस चद्दर को बिछाऊंगा नहीं ओढूंगा-अमिताभ बच्चन

मैं इस चद्दर को बिछाऊंगा नहीं ओढूंगा-अमिताभ बच्चन

रूमा के अनुसार उन्होंने अमिताभ को बाड़मेर एपलिक वर्क से जुड़ी हुई चद्दर भेंट की। जिसको देखकर अमिताभ ने कहा कि यह इतनी बढ़िया है कि इसको मैं बिछाऊंगा नहीं ओढूंगा। केबीसी में मेरे साथ करीब दस एपलिक वर्क करने वाली राजस्थानी महिलाएं भी गई थीं। अमिताभ बच्चन ने महिलाओं से भी खुलकर बात की। साथ ही चेतना संस्थान सचिव विक्रमसिंह से भी उन्होंने बाड़मेर की जानकारी ली।

क्या है कर्मवीर पुरस्कार

क्या है कर्मवीर पुरस्कार

बनेगा करोड़पति कार्यक्रम में कर्मवीर पुरस्कार उन शख्सियतों को दिया जाता है, जिन्होंने समाज के लिए प्रेरक कार्य किया हो। रूमादेवी आठवीं उत्तीर्ण हैं। अभावों में पली-बढ़ी। शादी के बाद डेढ़ साल के बेटे की उपचार के अभाव में मृत्यु हो गई। रूमा की जिंदगी यहां से बदल गई। उसने अपनी दादी से सीखे हुए कशीदे के कार्य को आगे बढ़ाया। पहले खुद काम करने लगी और फिर संस्थान के जरिए महिलाओं को जोड़ा। आज 75 गांव में 22 हजार महिलाएं रूमा के साथ इस कार्य को कर रही हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+