Rita Singh Sikar: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में दांतारामगढ़ सीट पर पति-पत्नी हो सकते हैं आमने-सामने
Rita Singh vs Virendra Singh sikar: राजस्थान के सीकर जिले के दांतारामगढ़ MLA वीरेंद्र सिंह के सामने उनकी पत्नी सीकर की पूर्व जिला प्रमुख रीटा सिंह चुनाव लड़ सकती हैं।
Husband vs Wife on Dantaramgarh seat: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में सबसे रोचक मुकाबला सीकर जिले की दांतारामगढ़ विधानसभा सीट पर देखने को मिल सकता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि दांतारामगढ़ सीट पर पति के सामने पत्नी चुनाव लड़ सकती हैं।

दांतारामगढ़ के मौजूदा विधायक वीरेंद्र सिंह कांग्रेस की टिकट पर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं तो उनके सामने जननायक जनता पार्टी (JJN) से वीरेंद्र सिंह की पत्नी रीटा सिंह का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। इसकी तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं।
राजस्थान में पति के सामने पत्नी के चुनाव मैदान में उतरने की अटकलें तब और भी तेज हो गई जब 14 अगस्त को रीटा सिंह ने जयपुर में सिविल लाइंस स्थित जेजेपी के प्रदेश कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
कौन हैं रीटा सिंह?
- रीटा सिंह राजस्थान की राजनीति में जाना-माना चेहरा हैं।
- कांग्रेस की टिकट पर रीटा सिंह सीकर की जिला प्रमुख रह चुकी हैं।
- रिटा सिंह कांग्रेस के दिग्गज नेता व पीसीसी के पूर्व चीफ नारायण सिंह की पुत्रवधू हैं।
- रिटा सिंह के पति वीरेंद्र सिंह वर्तमान में दांतारामगढ़ में कांग्रेस विधायक हैं।
- रिटा सिंह ने विधानसभा चुनाव 2018 में दांतारामगढ़ से कांग्रेस का टिकट मांगा था।

राजस्थान में जेजेपी का भाजपा से गठबंधन
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में हरियाणा की जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) भी सीकर, झुंझुनूं, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भाजपा के साथ गठबंधन करके उम्मीदवार उतारेगी। सीकर जिले की दांतारामगढ़ व फतेहपुर और झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ सीट से जेजेपी-बीजेपी प्रत्याशी होंगे।

किसी को तो आना होगा आगे
मीडिया से बातचीत में रीटा सिंह ने कहा कि दांतारामगढ़ में पूरी तरह से बदलाव के लिए किसी को तो आगे आना होगा। हरियाणा में दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय सिंह चौटाला मिलकर जेजेपी को आगे बढ़ा रहे हैं। राजस्थान का कल्चर भी हरियाणा जैसा ही है। ऐसे में अब जेजेपी राजस्थान में भी चुनाव लड़ने की तैयारी में है।
रीटा सिंह ने जब दांतारामगढ़ से जीता चुनाव
- बता दें कि राजस्थान की राजनीति में रीटा सिंह लंबे समय से सक्रिय हैं। साल 1995 में पहली बार दांतारामगढ़ पंचायत समिति से सदस्य का चुनाव जीता था। फिर प्रधान का चुनाव दो वोटों से हार गईं।
- साल 2010 में सीकर जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ा और 2015 तक सीकर की जिला प्रमुख रहीं। साल 2014 में सचिन पायलट के पीसीसी चीफ रहते रीटा सिंह ने कांग्रेस प्रदेश सचिव का पद संभाला।
- अब रीटा सिंह को जेजेपी ने राजस्थान में महिला मोर्चा अध्यक्ष पद की कमान सौंपी है।












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