VIDEO : गैंगस्टर राजू ठेठ को सता रहा जान का खतरा, पहनी बुलेटप्रूफ जैकेट, आनंदपाल गैंग से है जानी दुश्मनी
Nagaur News in Hindi, नागौर। क्या प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर राजू ठेठ (राजू ठेहट) को अपनी मौत का डर है? क्या आनंदपाल सिंह के मरने के बाद भी राजू ठेठ को आनंदपाल की गैंग से खुद की जान को खतरा नजर आता है? यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि उस समय सच साबित होती दिखी जब हार्डकोर अपराधी राजू ठेठ को नागौर जिले के परबतसर में एक मामले में कोर्ट में पेश किया गया। यहां कड़ी सुरक्षा के बीच लाए गए राजू ठेठ के चेहरे पर न सिर्फ खौफ नजर आया, बल्कि अपने बचाव के लिए उसने बुलेटप्रूफ जैकेट भी पहन रखी थी।

मूलरूप से राजस्थान के सीकर के गांव ठेठ निवासी राजू ठेठ को करीब 4 साल पहले नागौर जिले के कुचामन सिटी में व्यापारी नारायण अग्रवाल पर हमला करवाने के मामले में गुरुवार को परबतसर कोर्ट में पेश किया गया। राजू ठेठ को कड़ी सुरक्षा के बीच जयपुर जेल से परबतसर एडीजे कोर्ट में एडीजे नीरज कुमार के सामने पेश किया गया था।
इस दौरान परबतसर कोर्ट परिसर पुलिस छावनी की तरह नजर आया, जहां चप्पे चप्पे पर पुलिस जवान सुरक्षा की दृष्टि से तैनात किए गए थे। बता दें कि कुछ दिन पहले गैंगस्टर राजू ठेठ ने खुद की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की अपील की थी। उसी के मद्देनजर राजू ठेठ की सुरक्षा को देखते हुए उसे बुलेट प्रूफ जैकेट पहनाकर परबतसर कोर्ट लाया गया। परबतसर में कोर्ट के अंदर और बाहर वो बुलेटप्रूफ जैकेट में ही नजर आया।

करीब चार साल पहले कुचामन सिटी के ज़मीन कारोबारी नारायण अग्रवाल पर हमले और कार्यालय में तोड़फोड़ के मामले में हार्डकोर अपराधी राजू ठेठ का हाथ होने की बात सामने आई थी और उसी मुक़दमे में कुख्यात बदमाश गैंगस्टर राजू ठेठ की पेशी हुई। वहीं नागौर जिला पुलिस अधीक्षक गगनदीप सिंगला के आदेश पर मकराना सीओ सुरेश कुमार, परबतसर थानाधिकारी सुभाष चन्द्र, पीलवा थानाअधिकारी राधेश्याम सहित कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता व क्यूआरटी के जवान तैनात रहे।

आनंदपाल गैंग से है दुश्मनी
राजू ठेठ राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर में से एक है। इसकी आनंदपाल गैंग से दुश्मनी जग जाहिर है। दोनों की गैंग के गुर्गे के जेल के अंदर व बाहर कई बार एक दूसरे पर हमले कर चुके हैं। आनंदपाल सिंह का तो 24 जून 2017 को राजस्थान के चूरू जिले के रतनगढ़ तहसील के मालासर गांव में एनकाउंटर हो गया था, लेकिन आंनदपाल गैंग के कई गुर्गे अभी भी बाहर हैं।












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