Rajasthan: कोटा में पुलिस का ऑपरेशन "पेइंग गेस्ट" हत्थे चढ़ी मास्टर माइंड वर्षा विश्नोई, जानिए क्या है मामला?
Rajasthan Paper Leak News: राजस्थान में पेपर लीक मामले में जोधपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25हजार इनामी फरार वर्षा को कोटा से गिरफ्तार किया है।
राजस्थान में एसआई भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में हर दिए लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ नए-नए खुलासे हो रहे है। आज जोधपुर रेंज की 'साइक्लोनर' टीम ने कोटा से 25 हजार की इनामी वर्षा विश्नोई गिरफ्तार किया है।
एसओजी और पुलिस की टीम लम्बे समय से वर्षा विश्नोई को खोज रही थी। वर्षा विश्नोई लंबे समय से पेपर लीक मामले में फरार चल रही थी।

जोधपुर आईजी विकास कुमार के निर्देश पर वर्षा विश्नोई की कोटा से गिरफ्तारी हुई है। आईजी विकास कुमार ने बताया कि वर्षा विश्नोई लम्बे समय से फरार चल रही थी और उसके कोटा में छिपे होने की जानकारी मिल रही थी। कोटा में स्टूडेंट बनकर वर्षा फरारी काट रही थी। वर्षा बिश्नोई पर आरोप है कि उसने अलग-अलग भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बन कर परीक्षा दी थी।
पेपर लीक मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार pic.twitter.com/4xighNj5Pn
— PURSHOTTAM KUMAR (@pkjoshinews) October 7, 2024
एसआई भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बनकर बैठने वाली वर्षा विश्नोई पर एसओजी ने 25 हजार रुपए का इनाम रखा था। वर्षा बिश्नोई काफी समय से फरार चल रही थी।
वर्षा को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। वर्षा ने अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा दी थी। बताया जाता है कि एसआई भर्ती परीक्षा में उसने नाम बदलकर इंदुबाला व भगवती के नाम से परीक्षा दी थी। परंतु इंदुबाला और भगवती पहले ही एसओजी की गिरफ्त में हैं।
वर्षा ने दोनों कैंडिडेट के बदले 15-15 लाख रुपए मांगे थे यानी 30 लाख में डील हुई थी। वर्षा ने इंदुबाला की जगह 13 सितंबर 2021 को परीक्षा दी थी और भगवती के बदले 14 सितंबर को परीक्षा दी थी।
रेंज आईजी विकास कुमार ने बताया की पेपर लीक मामले के जांच SOG कर रही है। पिछले करीब 6 महीने पहले 25 हजार का इनाम घोषित होने के बाद से वर्षा बिश्नोई फरार चल रही थी।
करीब तीन महीने की कोशिश के बाद टीम को कोटा की लोकेशन मिली। आज कोटा में ऑपेरशन पेइंग गेस्ट चलाया और सभी घरों, हॉस्टलों की सघन तलाशी की गई। हमारी टीम ने कोटा के जवाहर नगर इलाके में वर्षा बिश्नोई को पकड़ा है।
एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर के घर पर फर्जी डॉक्यूमेंट व नाम बदलकर पीजी के रूप में रह रही थीं। टीम के पहुंचने पर खुद का नाम विमला बताकर फर्जी आधार कार्ड भी दिखाया। सख्ती से पूछताछ के बाद वर्षा बिश्नोई को पकड़ा गया। प्रारम्भिक पूछताछ में पकड़ी गई वर्षा बिश्नोई ने डमी कैंडिडेट के रूप में बैठकर एग्जाम देना स्वीकार किया है।












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