राजस्थान स्कूल हादसा: सात बच्चों की मौत, परिजनों ने मांगा एक करोड़ का मुआवजा, पांच शिक्षक निलंबित

Rajasthan school building collapsed: राजस्थान के झालावाड़ जिले के मनोहर थाना ब्लॉक के पिपलोदी सरकारी विद्यालय का भवन ढहने के मामले में पांच शिक्षकों पर गाज गिरी है। शिक्षा विभाग ने हेड मास्टर मीना गर्ग, शिक्षक जावेद अहमद, रामविलास लववंशी, कन्हैयालाल सुमन और बद्रीलाल लोधा को निलंबित कर दिया है।

इस दर्दनाक हादसे में कुल सात बच्चों की मौत हुई। पांच ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो की मौत इलाज के दौरान अस्पताल में हुई। मृतकों में मीना और कान्हा सगे भाई-बहन थे। एक और पीड़ित परिवार की चार बेटियों का इकलौता बेटा भी इस हादसे में चला गया। वहीं, 21 बच्चे घायल हुए हैं, जिनका झालावाड़ के अस्पताल में उपचार चल रहा है। 9 बच्चों की स्थिति गंभीर है।

Rajasthan school building collapsed

एक करोड़ के मुआवजे की मांग

हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और झालावाड़-मनोहरथाना मार्ग पर गुराडी चौराहा पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों और उनके वाहनों पर पथराव किया। साथ ही बच्चों के परिजनों को एक करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की।

मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट

मामले में राजस्थान मानवाधिकार आयोग जयपुर ने स्वप्रेरित संज्ञान लिया है और जिला मजिस्ट्रेट झालावाड़, जिला शिक्षा अधिकारी झालावाड़, शिक्षा निदेशक बीकानेर व जिला एसपी से जवाब मांगते हुए तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने संबंधित अधिकारियों को हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को उचित मुआवजा राशि भी देने को कहा है।

गांव वाले चार साल से कर रहे थे मरम्मत की मांग

स्कूल बिल्डिंग हादसे के बाद से पूरा गांव आक्रोशित है। ग्रामीणों ने बताया कि वे बीते चार साल से स्कूल भवन की छत की मरम्मत की मांग कर रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। स्कूल को 10 दिन के अवकाश पर बंद करने की बात थी, लेकिन केवल एक दिन बाद ही स्कूल दोबारा खोल दिया गया और अब इतना बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत और प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। सवाल यह भी है कि जब ग्रामीण चार साल से मरम्मत की मांग कर रहे थे, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

विधानसभा में विधायक पूछते रहे सवाल

मीडिया की खबरों के अनुसार राजस्थान विधानसभा के तीसरे सत्र (31 जनवरी से 24 मार्च) के बीच स्कूलों की मरम्मत करवाए जाने के संबंध में आठ विधायकों ने तारांकित सवाल लगाकर शिक्षा विभाग से पूछा, मगर एक भी सवाल का जवाब भी नहीं मिला।

शिक्षा विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 2256 स्कूलों की हालत जर्जर बताई गई है। बावजूद इसके, 2024-25 के बजट में केवल 750 स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।

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