Bhanwarlal Meghwal Passed Away : राजस्थान के दिग्गज नेता मास्टर भंवरलाल मेघवाल का निधन, PTI से बने थे मंत्री
चूरू। राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल का 16 नवम्बर 2020 को निधन हो गया। 72 साल की उम्र में मास्टर भंवर लाल ने हरियाणा के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। पिछले लंबे समय से बीमार चल रहे मास्टर भंवरलाल मेघवाल का मेदांता अस्पताल में उपचार चल रहा था।
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भंवरलाल मेघवाल की बेटी चूरू की पूर्व जिला प्रमुख बनारसी मेघवाल का भी निधन बीते 29 अक्टूबर को ही हुआ है। मास्टर भंवरलाल मेघवाल राजस्थान के दिग्गज नेता व अशोक गहलोत सरकार में मंत्री थे। उनके निधन से कांग्रेस में शोक की लहर दौड़ गई। राजस्थान में मंगलवार को घोषित किया गया है।

भंवरलाल मेघवाल की जीवनी
बता दें कि राजस्थान के चूरू जिले के सुजानगढ़ उपखंड की शोभासर ग्राम पंचायत के गांव बाघसर पूर्वी में चुनाराम मेघवाल के घर 2 जुलाई 1948 को मास्टर भंवर लाल मेघवाल का जन्म हुआ। वर्तमान में इनका परिवार सुजानगढ़ उपखंड मुख्यालय के वार्ड बीस में पीसीबी स्कूल के पीछे स्थित जयनिवास में रहता है। 15 मई 1965 को भंवरलाल मेघवाल की शादी केसर देवी से हुई। इनके एक बेटा व दो बेटी हैं। बेटा मनोज मेघवाल नमक का व्यवसाय करते हैं।
सुजानगढ़ के सरकारी स्कूल में थे पीटीआई
भंवरलाल मेघवाल पहले सरकारी टीचर हुआ करते थे। सुजागढ़ के राजकीय झवर स्कूल में बतौर पीटीआई कार्यरत रहे। शिक्षक होने के कारण ही इन्हें मास्टर भंवरलाल कहा जाता था। 1977 में शिक्षक की नौकरी से इस्तीफा देकर इन्होंने चुनाव लड़ा। पहली बार में हार का सामना करना पड़ा था।

मास्टर भंवरलाल मेघवाल का राजनीतिक सफर
भंवरलाल मेघवाल राजस्थान के दिग्गज दलित नेता थे। बीते 41 साल से राजनीति में सक्रिय थे। सुजानगढ़ विधानसभा सीट से निर्दलीय समेत कांग्रेस की टिकट पर पांच बार विधायक रहे चुके थे। सबसे पहले 1977 विधानसभा चुनाव में भाग्य आजमाया। पहली बार में हारे। फिर 1980 के चुनाव में बतौर निर्दलीय जीत दर्ज की। उसके बाद से हर बार राजस्थान विधानसभा चुनाव लड़ते आ रहे थे। मास्टर भंवरलाल के साथ एक अजब संयोग जुड़ा हुआ है। वो यह है कि ये एक विधानसभा चुनाव हारते थे। उसके अगला जीतते थे।












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