Rajasthan Rain: बेमौसम बरसात ने राजस्थान में बढ़ाई ठंड, IMD का नया अलर्ट बढ़ाएगा किसानों की टेंशन!
Rajasthan Rain: राजस्थान में नवंबर के महीने में हो रही बिन मौसम की बरसात ने आम लोगों के साथ किसानों की काफी परेशानी बढ़ा दी है। बारिश की वजह से समय से पहले ठंड बढ़ गई है और खास तौर पर बच्चों और बुजुर्गों को सेहत से जुड़ी समस्याएं भी आ रही हैं। अक्टूबर के अंत और नवंबर की शुरुआत में हुई बारिश ने खड़ी खरीफ फसलों, जैसे बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार, मूंगफली, धान और सोयाबीन को काफी नुकसान पहुंचाया है। मौसम विभाग का हालिया अलर्ट फिर से उनकी टेंशन बढ़ा सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इस वजह से अगले दो दिनों तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। बारिश के कारण दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। अगले दो दिनों के लिए भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

Rajasthan Rain: अगले दो दिनों के लिए बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में कुछ जगहों पर अगले दो दिनों के लिए बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहेगा। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। बीकानेर और आसपास के जिलों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। 5 और 6 नवंबर को भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद अगले एक सप्ताह तक शुष्क मौसम रहने की संभावना है। इस दौरान ठंडी उत्तरी हवाएं चलने से न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हो सकती है।
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इन शहरों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
-पिछले 24 घंटे में राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश भीलवाड़ा में हुई।
- इसके अलावा जालौर, डूंगरपुर, डबोक, चित्तौड़गढ़ और बाड़मेर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई।
- फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 10.8°C दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। वहीं पाली (28.7°C) और डबोक (28.9°C) सबसे गर्म स्थान रहे।
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IMD Alert से बढ़ी किसानों की टेंशन
दरअसल अक्टूबर और नवंबर में हुई बारिश की वजह से प्रदेश के किसानों को काफी नुकसान हुआ है। खरीफ की फसल की कटाई का समय होने की वजह से बिन मौसम हुई बरसात ने कई किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसल खराब हो गई है। सब्जी की फसलें जैसे टमाटर, गोभी और बैंगन भी जलजमाव के कारण सड़ने लगीं हैं। राजस्थान की राजनीति में भी किसानों की फसल का मुद्दा छाया हुआ है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने सरकार से इस पर ध्यान देने का आग्रह किया है।
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