Rajasthan Election: 'सब मिलकर काम कर रहे हैं', पायलट के साथ अनबन पर बोले सीएम गहलोत, गुटबाजी पर कही ये बात
Rajasthan Assembly Election: राजस्थान में वोटिंग नजदीक है। यहां एक चरण में कुल 200 सीटों पर 25 नवंबर को मतदान होगा। ऐसे में कांग्रेस सत्ता में अपनी सरकार की योजनाओं के दम पर दोबारा आने का दम भर रही है। हालांकि विपक्ष पार्टी के अंदर कलह को उठा रहा है, जिस पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस की योजनाओं सहित सचिन पायलट के साथ अनबन पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
अपने पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के साथ मतभेद को ज्यादा अहमियत नहीं देते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ कहा कि इस तरह के मतभेद हर राज्य में सामने आते हैं, लेकिन सभी कांग्रेस नेता यह सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर काम कर रहे हैं कि पार्टी राज्य में वापस आ रही है।

राजस्थान में गुटबाजी का कोई सवाल ही नहीं-गहलोत
न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में अशोक गहलोत ने खुलकर बात की। उन्होंने पार्टी नेता सचिन पायलट को लेकर कहा, "इस तरह के मतभेद हर राज्य में सामने आते हैं। राजस्थान में गुटबाजी का कोई सवाल ही नहीं है। हर कोई एक सामान्य लक्ष्य को पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहा है, जो यह सुनिश्चित करना है कि हम सत्ता में वापस आएं।"
'आंतरिक कलह कांग्रेस की तुलना में भाजपा में ज्यादा'
वहीं टिकटों बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर गहलोत ने कहा कि हमारी पार्टी में ऐसे कोई मुद्दे नहीं हैं, क्योंकि हम सभी चुनाव जीतने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। सब कुछ ठीक हो जाएगा एक या दो दिन में। जब उम्मीदवारों को टिकट आवंटित किए जाते हैं, तो यह स्वाभाविक है कि जो चूक गए वे असहमति की आवाज उठाएंगे। हालांकि, इस तरह की असहमति और आंतरिक कलह कांग्रेस की तुलना में भाजपा में अधिक है। जयपुर में भाजपा मुख्यालय का मुख्य द्वार बंद है। कांग्रेस को यहां कभी ऐसी स्थिति से नहीं जूझना पड़ा है।
ED-CBI को लेकर केंद्र पर निशाना
वहीं राजस्थान और चुनावी राज्य छत्तीसगढ़, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा हाल ही में की गई छापेमारी पर निशाना साधते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि भाजपा ने विपक्ष पर केंद्रीय एजेंसियों को तैनात करके सभी सीमाएं पार कर दीं। उन्होंने कहा, "उन्होंने (भाजपा) सहनशीलता की सभी सीमाएं पार कर दी हैं। छत्तीसगढ़ में पहले चरण का मतदान होना है और उससे ठीक चार दिन पहले ईडी ने हम पर छापा मारा। मेरे बेटे वैभव गहलोत को भी तलब किया गया है। वे विपक्ष को परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं।
गहलोत ने आरोप लगाया कि हमारे नेताओं और हमें हमारी चुनावी योजनाओं से दूर कर दिया है, लेकिन वे अपने मंसूबों में सफल नहीं होंगे। उन्होंने तीनों (केंद्रीय) एजेंसियों को दबाव में डाल दिया है। हम चाहते हैं कि देश के हित में ये संस्थाएं मजबूत हों। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियां केवल विपक्षी नेताओं पर छापे मारने पर केंद्रित हैं।
पहली बार कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं- सीएम
राजस्थान में 25 नवंबर को मतदान होगा और वोटों की गिनती 3 दिसंबर को चार अन्य चुनावी राज्यों के साथ होगी। पिछले पांच वर्षों में अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों पर सीएम गहलोत ने कहा कि राज्य के राजनीतिक इतिहास में पहली बार कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है।
गहलोत ने कहा कि हमने 3 लाख नौकरियां पैदा की हैं। लगभग 2 लाख नौकरी के लिए इंटरव्यू चल रहे हैं और भर्ती परीक्षाएं भी चल रही हैं। हमने अधिकांश गांवों में किसानों के लिए एक अलग बजट पेश किया है। हमने कई कानून पारित किए हैं। हमारे घोषणापत्र में 7 गारंटी सभी वर्गों के लिए हैं। उन्होंने कहा, "राज्य के इतिहास में यह पहली बार है कि हमारी सरकार के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।"












Click it and Unblock the Notifications