Rajasthan PM Kisan Samman: राजस्थान सरकार की सख्त स्क्रूटनी, लाखों किसानों के नाम कटेंगे, जानें वजह
Rajasthan PM Kisan Samman: देश भर के किसान 22वीं पीएम किसान सम्मान योजना का इंतजार कर रहे हैं। 21वीं किस्त नवंबर में ही जारी हो गई थी, लेकिन इसके बाद भी अब तक सीएम किसान सम्मान योजना की 5वीं किस्त जारी नहीं हुई है। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि लाभार्थियों की पात्रता को लेकर सख्त जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया के चलते राज्य में लाखों किसानों के नाम लाभार्थी सूची से हटाए जाने की आशंका है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की 5वीं किस्त से पहले राजस्थान में करीब 9 लाख किसानों के नाम सूची से बाहर हो सकते हैं। जिन किसानों के नाम कटेंगे उन्हें पीएम किसान सम्मान योजना के लाभ से भी वंचित होना पड़ेगा। दोनों योजनाओं के लिए पात्रता की शर्तें समान हैं। इसके लिए अलग ये रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होता है।

Rajasthan PM Kisan Samman: पात्र किसानों की संख्या में होगी कटौती
- फिलहाल राज्य में इस योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या लगभग 74 लाख है, जो घटकर करीब 65 लाख रह सकती है।
- सरकारी अधिकारियों ने बताया कि यह कदम योजनाओं में पारदर्शिता लाने और केवल वास्तविक पात्र किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
- राष्ट्रीय स्तर पर भी इसी तरह की कार्रवाई पहले की जा चुकी है। PM-Kisan योजना की 21वीं किस्त के दौरान पूरे देश में लगभग 70 लाख अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाया गया था।
- रिपोर्ट्स के हवाले से दावा किया जा रहा है कि 22वीं किस्त से पहले करीब 31 लाख संदिग्ध लाभार्थियों की पहचान की गई है।
Rajasthan PM Kisan Samman: पात्रता की शर्तों के तहत ये काम कर लें पूरा
पात्र किसानों के नाम काटे जाने के पीछे कई कारण हैं। इसमें सबसे बड़ा कारण है eKYC और लैंड सीडिंग का पूरा न होना। राज्य सरकार की ओर से निर्देश दिया गया है कि जिन किसानों ने अपनी आधार आधारित ई-केवाईसी या भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन नहीं कराया है, उन्हें योजना से बाहर किया जा रहा है। साथ ही, जो किसान आयकर का भुगतान करते हैं, वे PM-Kisan योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे।
दस्तावेजों की भी होगी सख्त स्क्रूटनी
इसके अलावा, स्क्रूटनी में यह भी पता चला है कि एक ही परिवार के कई सदस्य लाभ उठा रहे हैं। पति-पत्नी या परिवार के अन्य सदस्य अलग-अलग नाम से लाभ ले रहे हैं, तो उनके नाम काटे जा रहे हैं। फर्जी या पुराने दस्तावेजों के आधार पर लाभ लेने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।
सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी eKYC पूरी कराएं, भूमि रिकॉर्ड अपडेट करवाएं और अपनी पात्रता की जांच कर लें।












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