Rajasthan: नाग मार्क 2 एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल के सफल परीक्षण, देश की रक्षा क्षमताओं को मिलेगी नई ऊंचाई
Rajasthan News: भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूती प्रदान करते हुए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन द्वारा विकसित नाग मार्क 2 एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल के क्षेत्र मूल्यांकन परीक्षणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। राजस्थान के पोखरण फायरिंग रेंज में आयोजित ये परीक्षण भारतीय सेना के सामरिक हथियारों के लिए एक बड़ा कदम साबित हुए।
तीसरी पीढ़ी की मिसाइल, फायर एंड फॉरगेट तकनीक
नाग मार्क 2 एटीजीएम एक तीसरी पीढ़ी की मिसाइल है। जिसे फायर-एंड-फॉरगेट तकनीक के साथ विकसित किया गया है। इसके परीक्षण में मिसाइल की अधिकतम और न्यूनतम रेंज में सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदने की क्षमता का परीक्षण किया गया।

नाग मिसाइल वाहक के अद्यतन संस्करण वर्जन-2 का उपयोग करके इन परीक्षणों को अंजाम दिया गया। रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि सभी प्रणालियों ने त्रुटिहीन प्रदर्शन किया। जिससे नाग एटीजीएम को भारतीय सेना में परिचालन तैनाती के लिए तैयार घोषित किया गया।
आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
नाग एटीजीएम परीक्षणों की सफलता ने स्वदेशी मिसाइल प्रौद्योगिकी में भारत की प्रगति को प्रदर्शित किया। रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया कि नाग मार्क 2 एटीजीएम का सफल परीक्षण भारतीय सेना के हथियार भंडार को सशक्त बनाएगा और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और कदम है।
रक्षा मंत्री की बधाई और प्रशंसा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ भारतीय सेना और उनके उद्योग भागीदारों को इस बड़ी उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता भारत के रक्षा अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास में टीमवर्क और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। नाग एमके 2 मिसाइल सिस्टम भारतीय सेना की सामरिक क्षमताओं को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
#WATCH | Field evaluation trials of the DRDO developed Nag Mark 2 anti-tank guided missiles were successfully carried out in the Pokharan firing ranges: DRDO officials pic.twitter.com/0h6G5NyZai
— ANI (@ANI) January 13, 2025
महत्वपूर्ण क्षण, पोखरण में सफलता की कहानी
रक्षा मंत्रालय के अनुसार नाग एटीजीएम परीक्षणों की सफलता भारत के रक्षा इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसने न केवल भारतीय सेना के सामरिक और रणनीतिक उद्देश्यों को मजबूती दी है। बल्कि यह भारत के मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत आत्मनिर्भरता के प्रयासों को भी रेखांकित करता है।
टैंक-रोधी अभियानों में मिलेगा लाभ
नाग मार्क 2 एटीजीएम प्रणाली की तैनाती से भारतीय सेना को टैंक-रोधी अभियानों में निर्णायक लाभ मिलेगा। यह उपलब्धि भारत को वैश्विक स्तर पर अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने में मदद करेगी।












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