Rajasthan: ग्लोबल स्पिरिचुअल फेस्टिवल 2025 में राजस्थान का डंका, सिरोही जिले के इस मंदिर को मिला सम्मान
Rajasthan News: राजस्थान के सिरोही जिले के भीनमाल में स्थित ऐतिहासिक नीलकंठ महादेव मंदिर के पुनर्निर्माण में उनके असाधारण योगदान के लिए वाराह इंफ्रा लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राव प्रेम सिंह को दुबई ग्लोबल स्पिरिचुअल फेस्टिवल में विशेष सम्मान से नवाजा गया। इस प्रतिष्ठित समारोह ने भारतीय संस्कृति और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का उद्देश्य रखा। जिसमें भारत और दुनियाभर के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नेता शामिल हुए।
राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत को मिला वैश्विक मंच
नीलकंठ महादेव मंदिर राजस्थान की प्राचीन विरासत का प्रतीक है। यह मंदिर नागभट्ट प्रथम और महमूद गजनवी जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से जुड़ा हुआ है और इसे कई बार विनाश और लूटपाट का सामना करना पड़ा है। राव प्रेम सिंह ने मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए। जिससे यह मंदिर अपनी पुरानी गरिमा और धार्मिक महत्व को पुनः स्थापित कर सका। इस योगदान ने उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई और भारतीय संस्कृति के प्रति उनकी निष्ठा को रेखांकित किया।

राव प्रेम सिंह की प्रतिबद्धता और बयान
सम्मान प्राप्त करने के बाद राव प्रेम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नीलकंठ महादेव मंदिर के पुनर्निर्माण में योगदान देना मेरे लिए न केवल एक जिम्मेदारी थी। बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने की दिशा में एक छोटा सा प्रयास था। मैं यह सम्मान समर्पित करता हूं। उन सभी को जिन्होंने इस महान कार्य में मेरा समर्थन किया और विशेष रूप से गोवा के सद्गुरु ब्रह्मेशानंदाचार्य का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।
ग्लोबल स्पिरिचुअल फेस्टिवल में राजस्थान की भागीदारी
इस महोत्सव में राजस्थान के कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया। जिनमें पाली के प्रसिद्ध व्यवसायी जितेंद्र जैन और जयपुर की अन्य जानी-मानी हस्तियां भी शामिल थी। इस आयोजन में राजस्थान की संस्कृति और आध्यात्मिकता को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। महोत्सव ने भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं को वैश्विक दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने के लिए एक मंच प्रदान किया और राज्य के योगदान को भी रेखांकित किया।
मंदिर पुनर्निर्माण, भारतीय संस्कृति और गौरव का प्रतीक
नीलकंठ महादेव मंदिर का पुनर्निर्माण भारतीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण के प्रति एक समर्पित प्रयास है। मंदिर का इतिहास प्राचीन राजाओं और संघर्षों से जुड़ा हुआ है। पुनर्निर्माण के बाद यह मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल के रूप में बल्कि सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक के रूप में उभरा है। यह सम्मान भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के महत्व और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से इसे विश्व मंच पर लाने की प्रेरणा देता है।
मुख्य आकर्षण और अंतरराष्ट्रीय पहचान
इस आयोजन ने भारतीय आध्यात्मिकता को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नीलकंठ महादेव मंदिर की पुनरुद्धार कहानी ने उपस्थित दर्शकों को राष्ट्रीय गौरव और प्रेरणा की भावना से प्रेरित किया।
राजस्थान के लिए गर्व का क्षण
दुबई में ग्लोबल स्पिरिचुअल फेस्टिवल में यह सम्मान राजस्थान के लिए गर्व का प्रतीक है। यह राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रमाण है। नीलकंठ महादेव मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए किए गए प्रयास भारतीय संस्कृति की अमरता और उसके प्रति श्रद्धा का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।












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