Kirodi Lal Meena: राजस्थान चुनाव 2023 में किरोड़ी लाल मीणा किंगमेकर की भूमिका में या BJP ने कतर दिए पर?
Kirodi Lal Meena in Rajasthan Assembly Election 2023: डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को राजस्थान चुनाव में भाजपा ने सवाई माधोपुर सीट से टिकट दिया है। जानिए किरोड़ी लाल मीणा की संपत्ति, चुनाव परिणाम व निजी जिंदगी के बारे में।
Kirodi Lal Meena vs Danish Abrar Sawai Madhopur: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में दिग्गज भाजपा नेता डॉ. किरोड़ी लाल मीणा उर्फ बाबा ने भी ताल ठोक रखी है। राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा को भाजपा ने सवाई माधोपुर सीट से चुनाव मैदान में उतारा है।
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में किरोड़ी लाल मीणा किंग मेकर की भूमिका में हैं या भाजपा आलाकमान ने किरोड़ी लाल मीणा के पर कतर दिए हैं। इसका जवाब भाजपा की ओर से अब तक जारी उम्मीदवारों की सूची से मिलता है।

दरअसल, भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान विधानसभा की 200 में से 184 सीटों पर प्रत्याशी उतार दिए हैं। इनमें किरोड़ी लाल मीणा को सिर्फ दो टिकट मिले हैं। एक अपना और दूसरा भतीजे राजेंद्र मीणा का।
किरोड़ी लाल मीणा के भतीजे राजेंद्र मीणा भाजपा की टिकट पर महुआ सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इनके सामने कांग्रेस ने ओमप्रकाश हुडला को टिकट दिया है। हुडला पिछली बार निर्दलीय जीते थे। चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली थी।
उधर, सवाई माधोपुर में किरोड़ी लाल मीणा के सामने कांग्रेस ने मौजूदा विधायक दानिश अबरार को उतारा है। किरोड़ी लाल मीणा ने साल 2003 में भाजपा से पहली बार यहीं से चुनाव लड़ा था। तब किरोड़ी लाल ने दानिश अबरार की मां यास्मीन अबरार को हराया था।
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में भाजपा ने पत्नी गोलमा देवी समेत आधा दर्जन किरोड़ी लाल मीणा समर्थकों को टिकट दिया था। जबकि इस बार महज दो टिकट। खुद गोलमा देवी को भी टिकट नहीं मिला।
राजस्थान की राजनीति के जानकार किरोड़ी लाल मीणा सर्मथकों को टिकट नहीं मिलने के कई सियासी मायने निकाल रहे हैं। यहां तक कह रहे कि राजस्थान में किरोड़ी लाल मीणा की भूमिका सीमित रखने के लिए भाजपा ने यह कदम उठाया है।
साल 2018 के चुनाव में दौसा, अलवर, सवाई माधोपुर व करौली में किरोड़ी मीणा के प्रभाव वाली सीटों पर उनके समर्थक उतारे गए थे। यह बात अलग है कि तब खुद किरोड़ी मीणा की पत्नी गोलमा देवी व भतीजा चुनाव नहीं जीत सके।
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में किरोड़ी लाल मीणा के समर्थकों को टिकट नहीं मिलने की एक वजह यह भी बताई जा रही है कि इस बार भाजपा ने पैरवी करने वाले नेताओं को टिकट नहीं दिए। कहते हैं कि वसुंधरा राजे सिंधिया ने भी अपने करीबी राजपाल सिंह शेखावत व युनूस खान की टिकट के लिए पैरवी की थी, मगर दोनों को ही टिकट नहीं मिला।












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