Rajasthan Districts Cancel: अशोक गहलोत ने बताया क्यों बनाए थे नए जिले? बोले-'अब निरस्त करना राजनीतिक बदला'
Rajasthan Districts Cancel: राजस्थान की भाजपा सरकार ने अशोक गहलोत सरकार द्वारा बनाए गए 9 नए जिले व 3 संभाग को 28 दिसंबर 2024 को निरस्त कर दिया है। राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कैबिनेट के इस बडे़ फैसले को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केवल राजनीतिक बदला बताया है बल्कि अपने कार्यकाल में राजस्थान में नए जिले बनाने का तर्क भी दिया।
शनिवार को राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में नए 17 जिलों में 9 व तीनों नए संभाग निरस्त करने के फैसले के बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा कि उनकी सरकार द्वारा बनाए गए नए जिलों में से 9 जिलों को निरस्त करने का भाजपा सरकार का निर्णय अविवेकशीलता एवं केवल राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है।
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Rajasthan Districts Cancel: राजस्थान में रामलुभाया समिति की रिपोर्ट पर बने थे नए जिले
अशोक गहलोत ने बताया कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान जिलों का पुनर्गठन करने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रामलुभाया की अध्यक्षता में 21 मार्च 2022 को समिति बनाई गई थी। रामलुभाया समिति को दर्जनों जिलों के प्रतिवेदन प्राप्त हुए। इन्हीं प्रतिवेदनों का परीक्षण कर समिति ने अपनी रिपोर्ट दी जिसके आधार पर नए जिले बनाने का निर्णय किया गया। मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ के अलग होने के बाद राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य बन गया परन्तु प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन उस अनुपात में नहीं हुआ था। राजस्थान से छोटा होने के बाद भी मध्य प्रदेश में 53 जिले हैं।
Rajasthan New Districts: राजस्थान में हर जिले की औसत आबाादी 35.42 लाख व क्षेत्रफल 12,147 वर्ग KM
नए जिलों के गठन से पूर्व राजस्थान में हर जिले की औसत आबाादी 35.42 लाख व क्षेत्रफल 12,147 वर्ग किलोमीटर था (हालांकि त्रिपुरा राज्य का क्षेत्रफल 10,492 वर्ग किलोमीटर, गोवा राज्य का क्षेत्रफल 3,702 वर्ग किलोमीटर, दिल्ली केन्द्र शासित प्रदेश का क्षेत्रफल 1,484 वर्ग किलोमीटर है) जबकि नए जिले बनने के बाद जिलों की औसत आबादी 15.35 लाख व क्षेत्रफल 5268 वर्ग किलोमीटर हो गया था। जिले की आबादी व क्षेत्र कम होने से शासन-प्रशासन की पहुंच बेहतर होती है एवं सुविधाओं व योजनाओं की बेहतर डिलीवरी सुनिश्चित हो पाती है। छोटी प्रशासनिक इकाई होने पर जनता की प्रतिवेदनाओं का निस्तारण भी शीघ्रता से होता है।
Rajasthan Districts News: अशोक गहलोत ने गुजरात, हरियाणा, पंजाब के जिलों का दिया उदाहरण
अशोक गहलोत ने नए जिले निरस्त करने पर कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार द्वारा जिन जिलों को छोटा होने का तर्क देकर रद्द किया है वो भी अनुचित है। जिले का आकार वहां की भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर होता है। हमारे पड़ोसी राज्यों के जिले जैसे गुजरात के डांग (2 लाख 29 हजार), पोरबंदर (5 लाख 85 हजार) एवं नर्बदा (5 लाख 91 हजार), हरियाणा के पंचकुला (5 लाख 59 हजार) एवं चरखी दादरी (लगभग 5 लाख 1 हजार), पंजाब के मलेरकोटला (लगभग 4 लाख 30 हजार), बरनाला(5 लाख 96 हजार) एवं फतेहगढ़ साहिब (6 लाख) जैसे कम आबादी वाले जिले हैं।
Rajasthan Districts List: अशोक गहलोत ने नए जिले बनाने का यह भी तर्क दिया
अशोक गहलोत ने कहा कि कम आबादी वाले जिलों में सरकार की प्लानिंग की सफलता भी ज्यादा होती है। छोटे जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति को बहाल रखना भी आसान होता है क्योंकि वहां पुलिस की पहुंच अधिक होती है। परिस्थितियों के आधार पर जिलों की आबादी में भी अंतर होना स्वभाविक है जैसे उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जिले की आबादी करीब 60 लाख है जबकि चित्रकूट जिले की आबादी 10 लाख है। परन्तु सरकार के लिए प्रशासनिक दृष्टि से छोटे जिले ही बेहतर लगते हैं। सरकार की तरफ से एक तर्क यह दिया जा रहा है कि एक जिले में कम से कम 3 विधानसभा क्षेत्र होने चाहिए जबकि भाजपा द्वारा 2007 में बनाए गए प्रतापगढ़ मे परिसीमन के बावजूद भी केवल दो विधानसभा क्षेत्र हैं।
अशोक गहलोत बोले-सांचौर की जालोर जिला मुख्यालय से दूरी 135 किलोमीटर
सरकार द्वारा जहां कम दूरी का तर्क दिया जा रहा है वो भी आश्चर्यजनक है क्योंकि डीग की भरतपुर से दूरी केवल 38 किमी है जिसे रखा गया है परन्तु सांचौर से जालोर की दूरी 135 किमी एवं अनूपगढ़ से गंगानगर की दूरी 125 किमी होने के बावजूद उन जिलों को रद्द कर दिया गया। हमारी सरकार ने केवल जिलों की घोषणा ही नहीं की बल्कि वहां कलेक्टर, एसपी समेत तमाम जिला स्तरीय अधिकारियों की नियुक्ति दी एवं हर जिले को संसाधनों के लिए बजट भी दिया। हम भाजपा सरकार द्वारा उठाए गए इस अदूरदर्शी एवं राजनीतिक प्रतिशोध के कारण लिए गए निर्णय की निंदा करते हैं।
राजस्थान के ये 9 नए जिले हुए निरस्त
दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीमकाथाना, गंगापुर सिटी , जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, अनूपगढ़, मालपुरा, सुजानगढ़ और कुचामन और सांचौर नए जिले को खत्म कर दिया गया है। अब ये जिले नहीं माने जाएंगे बल्कि पूर्व में जिस जिले का हिस्सा हैं। उसी में रहेंगे।
राजस्थान के ये 8 नए जिले रहेंगे यथावत
बालोतरा, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, कोटपूतली-बहरोड़, डीडवाना-कुचामन, फलोदी, डीग और संलूबर जिले यथावत रहेंगे।
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