Rajasthan: जब 1 वोट हारा प्रत्याशी दोबारा काउटिंग में 17 वोटों से जीता, मतगणना अफसर को आया हार्ट अटैक
AHORE Seat Election Result 2023 in Rajasthan: राजस्थान चुनावों में साल 1977 में जनता पार्टी के गोपाल सिंह एक वोट से चुनाव हार गए थे। दुबारा मतगणना हुई तो 17 वोट से जीत गए।
Ahore Seat Election History: इस समय राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 चल रहे हैं। चुनावों में एक-एक वोट की क्या अहमियत होती है? यह बात हार-जीत के अंतर से कई बार साबित हो चुकी है। साल 2008 में नाथद्वारा सीट से तो भाजपा के मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी एक वोट से चुनाव हार गए थे।
राजस्थान विधानसभा चुनाव के इतिहास में तो ऐसा भी चुका है जब प्रत्याशी एक वोट से चुनाव हार गया था और पुनर्मतगणना हुई तो वो ही प्रत्याशी 17 वोटों से चुनाव जीत गया। वोटों की दुबारा गिनती की मांग उठी तो मतगणना अधिकारी को हार्ट अटैक तक आ गया।

200 सीटों वाली राजस्थान विधानसभा के चुनावों का यह रोचक किस्सा साल 1977 का है, जो जालोर जिले की आहोर सीट पर सामने आया था। संभवतया राजस्थान विधानसभा चुनाव की यह इकलौती घटना है।
हुआ यह था कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 1977 में आहोर सीट पर कांग्रेस के भगराज चौधरी व जनता पार्टी के गोपाल सिंह के बीच मुकाबला था।
10 जून 1977 को वरिष्ठ आरएएस अधिकारी दुर्गालाल की देखरेख में आहोर विधानसभा सीट के मतों की गिनती की गई। भगराज व गोपाल सिंह के बीच मुकाबला कड़ा था। हर राउंट पर बाजी पलट रही थी। फिर एक वोट से कांग्रेस के भगराज चौधरी को विजेता घोषित किया गया।
मतगणना पूरी होने व विजेता घोषित किए जाने के बाद जनता पार्टी के उम्मीदवार गोपालसिंह ने मतगणना में गडबड़ी की आशंका जताते हुए पुनर्मतगणना की मांग की। वोटों की दुबारा गिनती करवाए जाने का प्रार्थना पत्र पढ़ते-पढ़ते ही मतगणना अधिकारी दुर्गालाल को मतगणना स्थल पर ही हार्ट अटैक आ गया।

दैनिक भास्कर से बातचीत में जालोर के तत्कालीन रिटर्निंग अधिकारी व एसडीएम महेंद्र सुराणा ने बताया कि मतगणना अधिकारी दुर्गालाल माथुर को हार्ट अटैक आने पर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए भर्ती करके इलाज शुरू किया। ऐसे में वे वापस मतगणना स्थल पर नहीं आ सके।
पूरे मामले की सूचा दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजी गई। उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी महेंद्र सुराणा को आहोर सीट पर पुनर्मतगणना की जिम्मेदारी सौंपी। पुनर्मतगणना में विवादित वोटों में से 176 वोट वैध पाए गए। पहले जो गोपाल सिंह एक वोट से हार रहे थे वो नए वोट जुड़ने से 17 वोटों से चुनाव जीत गए।
पहले एक वोट से जीत और फिर 17 वोटों से हार जाने पर कांग्रेस प्रत्याशी भगराज चौधरी ने हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया, मगर उनकी अपत्ति कोर्ट में भी खारिज हो गई थी। आहोर के विधायक गोपाल सिंह ही बने।
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