Rajasthan: जयपुर में मार्शल आर्ट की ड्रेस पहन निकले राहुल गांधी, स्कूली बच्चों को सिखाए जूडो कराटे के दांव-पेच
Rajasthan News: कांग्रेस के लोकसभा में विपक्ष के नेता और सांसद राहुल गांधी ने रविवार को राजस्थान के सामोद में आयोजित कांग्रेस नेतृत्व संगम शिविर में अपनी सक्रिय उपस्थिति से सभी का ध्यान खींचा। मार्शल आर्ट की पोशाक में गांधी ने न केवल स्कूली छात्राओं को कराटे और मार्शल आर्ट की तकनीक सिखाई। बल्कि नेतृत्व और अनुशासन का संदेश भी दिया। कांग्रेस के आधिकारिक X अकाउंट पर साझा की गई तस्वीरों में राहुल गांधी को मार्शल आर्ट की ड्रेस में प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों के साथ देखा गया। जिसने शिविर की अनूठी पहल को उजागर किया।
नेतृत्व कौशल और महात्मा गांधी की विरासत पर फोकस
वर्धा सेवाग्राम आश्रम की इस नियमित पहल का उद्देश्य युवाओं को महात्मा गांधी की विचारधारा और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की ऐतिहासिक जानकारी से जोड़ना है। इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी के मूल्यों को आत्मसात करते हुए युवाओं में नेतृत्व कौशल का विकास करना इस शिविर का मुख्य उद्देश्य है।

राजस्थान में आयोजित इस शिविर का सामोद के खेड़ापति बालाजी आश्रम में 1 से 10 दिसंबर तक आयोजन किया गया। इससे पहले माउंट आबू और तिजारा जैसे स्थानों पर भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए गए हैं। कांग्रेस पार्टी इस पहल के माध्यम से जानकार और कुशल नेताओं की नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।
राहुल गांधी का दौरा और भागीदारी
राहुल गांधी ने रविवार की सुबह जयपुर हवाई अड्डे पर काली टी-शर्ट पहनकर पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से सामोद शिविर का रुख किया। वहां उन्होंने पूरे दिन विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। गांधी ने छात्राओं के साथ संवादात्मक चर्चा की। मार्शल आर्ट सत्र में शामिल हुए और शिविर के उद्देश्यों पर गहन विचार-विमर्श किया।
करीब छह घंटे तक शिविर में रुकने के बाद राहुल गांधी दोपहर 3 बजे जयपुर हवाई अड्डे लौटे। इस दौरान उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने विदाई दी। गांधी की यह यात्रा उनके युवाओं से जुड़ने और नेतृत्व कौशल को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कांग्रेस का युवाओं को प्रेरित करने का प्रयास
कांग्रेस नेतृत्व संगम शिविर पार्टी की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। जिसमें युवाओं को पार्टी के मूल्यों और महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित नेतृत्व शैली से अवगत कराया जाता है। राहुल गांधी की इस यात्रा ने युवा पीढ़ी के साथ संवाद स्थापित करने और उनके बीच नेतृत्व विकास को बढ़ावा देने की पहल को और मजबूत किया है।
यह आयोजन न केवल कांग्रेस पार्टी के प्रति युवाओं के जुड़ाव को प्रोत्साहित करता है। बल्कि उन्हें सशक्त, आत्मनिर्भर और अनुशासित व्यक्तित्व बनाने में भी मदद करता है। राहुल गांधी की मार्शल आर्ट गतिविधियों में भागीदारी ने इस शिविर को और खास बना दिया। जिससे युवा प्रतिभागियों के साथ उनकी व्यक्तिगत जुड़ाव की झलक देखने को मिली।
इस तरह का आयोजन कांग्रेस पार्टी के युवाओं को सशक्त बनाने और नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार करने के प्रयासों का हिस्सा है। राहुल गांधी की भागीदारी ने इस शिविर को एक नई दिशा और गहराई दी है।












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