Rajasthan Election 2023: पीएम मोदी ने खेल दिया पायलट कार्ड, क्या फंस गया राजस्थान चुनाव?
PM Modi Pilot card: राजस्थान के भीलवाड़ा में जहाजपुर के कोटड़ी में चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए पीएम मोदी ने गुर्जर नेता राजेश पायलट व उनके बेटे सचिन पायलट का जिक्र किया।
PM Modi on Sachin Pilot: राजस्थान चुनाव 2023 में प्रचार खत्म होने में एक दिन बचा है। पूरे चुनाव में कांग्रेस को जो डर था वो ही हो गया। कांग्रेस के सबसे बड़े ट्रंप कार्ड पायलट पर बीजेपी ने अपने सबसे बड़े चेहरे पीएम मोदी के जरिए हमला कर दिया।
भीलवाड़ा के जहाजपुर के कोटड़ी में बुधवार को चुनावी रैली को सम्बोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने राजस्थान विधायक चुनाव में पायलट कार्ड खेल दिया। खुद कांग्रेस पायलट कार्ड लिए बैठी रही जबकि यह कार्ड पीएम मोदी ने खेल दिया। ऐसे में अब चर्चा है कि राजस्थान में कांग्रेस के लिए साल 2023 का चुनाव फंस गया है।

राजस्थान चुनाव में पायलट कार्ड खेलते हुए पीएम मोदी ने ऐसा निशाना साधा है, जो सीधा गुर्जर मतदाताओं के दिल पर लगा है। दरअसल, राजस्थान के गुर्जरों के दिलों में कांग्रेस के दिवगंत दिग्गज गुर्जर नेता राजेश पायलट बसते हैं और राजस्थान चुनाव में गुर्जरों के दिमाग में उनके बेटे सचिन पायलट हैं।
पायलट कार्ड पर क्या बोले पीएम मोदी?
भीलवाड़ा में पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस में अगर कोई सच बोले और वो इस परिवार (गांधी परिवार) को थोड़ा भी चुभ जाए तो समझ लेना उसकी राजनीति तो गड्ढे में गई। पूरी कांग्रेस में इस परिवार के सामने किसी ने कुछ भी कहा। वो मरा समझो।
पीएम मोदी ने कहा कि राजेश पायलट ने एक बार कांग्रेस को उसी की भलाई के लिए चुनौती दी थी। तब वो तो झुक गए थे, मगर इस परिवार ने राजेश पायलट को तो सजा दी ही अब उनके बेटे को भी सजा देने में लगे हुए हैं। पायलट तो नहीं रहे, मगर उनकी लड़ाई, खुनस बेटे पर भी निकाल रहे हैं।

राजस्थान की राजनीति के जानकार कहते हैं कि भाजपा द्वारा पायलट कार्ड को राजस्थान चुनाव में ब्रह्मास्त्र का खेला ही जाना था। ये उस वक्त खेला गया जब राजस्थान में सचिन पायलट के समर्थक कांग्रेस को वोट करने के मूड में आ गए थे। ठीक उसी वक्त पीएम मोदी ने पायलट कार्ड वाला निशाना साध दिया।
दरअसल, पीएम मोदी के पायलट कार्ड का मतलब ये है कि राजेश पायलट ने जिस तरह से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था और उन्हें गांधी परिवार की नाराजगी झेलनी पड़ी थी। उसी तरह से गांधी परिवार अब सचिन पायलट के साथ कर रहा है।
पीएम मोदी ने राजस्थान चुनाव 2023 में जिस कोटड़ी में पायलट कार्ड खेला है, वहां कांग्रेस प्रत्याशी धीरज गुर्जर हैं। ये प्रियंका गांधी के करीब नेता माने जाते हैं। इनके लिए चुनाव प्रचार करने प्रियंका गांधी व सचिन पायलट दोनों गए थे। धीरज गुर्जर कभी अशोक गहलोत खेमे में रहते हैं तो कभी वोटों के लिए सचिन पायलट के पास चले आते हैं।
बात अगर जातीय समीकरण की करें तो भीलवाड़ा में गुर्जर समुदाय के काफी वोट हैं, जो सचिन पायलट समर्थक माने जाते हैं। इनका सचिन पायलट से भावनात्मक जुड़ाव है। यहीं वजह है कि पीएम मोदी सही वक्त पर सही जगह पायलट कार्ड खेल गए।
दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी का इशारा इस ओर था कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में गुर्जर बाहुल्य पूर्वी राजस्थान से ताबड़तोड़ सीटें आने के बावजूद गांधी परिवार ने वीटो इस्तेमाल करके सचिन पायलट को सीएम क्यों नहीं बनाया? पिछले साल 25 सितंबर को राजस्थान में विधायक दल की बैठक नहीं हो पाई तब भी हाईकमान ने अपनी बेइज्जती भी क्यों सह ली?

पीएम मोदी ने पायलट कार्ड शानदार तरीके से खेला है। उन्होंने इशारों-इशारों में कह दिया कि कांग्रेस सचिन पायलट के साथ साजिश करती रही है और करती रहेगी। वैसे राजस्थान में सचिन पायलट समर्थक कहते भी है कि गांधी परिवार 25 सितंबर को ही तय कर लेता तो पायलट सीएम बन जाते।
राजस्थान की राजनीति के जानकार यह भी कहते हैं कि सचिन पायलट गांधी परिवार के प्रति वफादार हैं। ये जो फैलाया जा रहा कि राजेश पायलट ने गांधी परिवार को चुनौती दी थी। यह बात पूरी सच नहीं है। यह आधा सच या झूठ अशोक गहलोत समर्थकों ने 2018 में उस वक्त फैलाया था जब सचिन पायलट को सीएम बनाने की बात उठी थी।
राजस्थान तक वेबसाइट की टीम अपने चुनावी विश्लेषण में दावा करती है कि राजेश पायलट तो सीताराम केसरी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे। शरद पंवार भी मैदान में थे। उस वक्त कांग्रेस राजेश पायलट के साथ थी या खिलाफ? इस पूरे पचड़े में गांधी परिवार शामिल ही नहीं था।












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