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PM Fasal Bima Yojana: रबी फसलों का बीमा शुरू, राजस्थान में ये है आवेदन की अंतिम तारीख

PM Fasal Bima Yojana: किसानों के लिए रबी मौसम से पहले एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है। चुरू में इस बार चना से लेकर सरसों और गेंहू जैसी प्रमुख रबी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PM Fasal Bima Yojana) के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अचानक बदलते मौसम, बेमौसमी बारिश, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक जोखिमों को देखते हुए समय रहते बीमा अवश्य कराएं, ताकि किसी भी आपदा के समय उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके। प्रशासन के अनुसार, इस बार बीमा प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए दस्तावेज और पंजीकरण व्यवस्था को पहले से बेहतर किया गया है, जिससे किसान आसानी से बीमा सुविधा का लाभ उठा सकें।

PM Fasal Bima Yojana

इंडसइंड जनरल इंश्योरेंस करेगी बीमा

संयुक्त निदेशक कृषि ने बताया कि इस वर्ष जिले में फसलों का बीमा इंडसइंड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिसूचना के अनुसार जिन किसानों ने फसली ऋण (केसीसी) लिया हुआ है, उनका बीमा संबंधित बैंक की ओर से खुद ही किया जाएगा।

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वहीं, बिना ऋण वाले किसान राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल, नजदीकी बैंक, सीएससी केंद्र या बीमा कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से बीमा करा सकते हैं।

किस दस्तावेज की होगी जरूरत

गैर-ऋणी किसानों को बीमा कराने के लिए कुछ दस्तावेज जमा करने होंगे-

  • आधार कार्ड
  • नई जमाबंदी की नकल
  • स्वयं प्रमाणित घोषणा पत्र
  • खसरे की जानकारी, बुवाई क्षेत्र और स्वामित्व विवरण

बैंक पासबुक की प्रति

उन्होंने स्पष्ट किया कि बंटाईदार किसान केवल उसी जिले की भूमि को बीमा में शामिल करा सकेंगे, जिसमें वे स्वयं रहते हैं। किसान अपनी बोई गई फसल में बदलाव करते हैं, तो इसकी जानकारी बैंक को 29 दिसम्बर तक देना जरूरी होगा।

खड़ी फसल और कटाई के बाद तक सुरक्षा

कृषि विभाग के अनुसार योजना में बुवाई से लेकर कटाई तक फसल को प्राकृतिक आपदाओं जैसे ओलावृष्टि, बेमौसमी बारिश, बाढ़ और आग से होने वाले नुकसान पर मुआवजा दिया जाता है। कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल भी 14 दिन तक बीमा सुरक्षा में रहती है। इस दौरान यदि अप्रत्याशित बारिश या आंधी से फसल को नुकसान होता है, तो व्यक्तिगत स्तर पर नुकसान का आंकलन किया जाएगा।

नुकसान की सूचना 72 घंटे में देना जरूरी

कृषकों को फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देना अनिवार्य है। सूचना इन माध्यमों से दी जा सकती है-

  • कृषि रक्षक पोर्टल
  • हेल्पलाइन नंबर 14447
  • नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय
  • बैंक
  • क्रॉप इंश्योरेंस ऐप

अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय पर बीमा करवाकर अपनी फसलों को सुरक्षा प्रदान करें।

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