राजस्थान पेपर लीक केस में पटवारी की गिरफ्तारी, भूपेंद्र सारण से 8 लाख में खरीदा था पेपर
राजस्थान शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक केस में सरगना भूपेंद्र सारण के बाद अब जालौर के पटवारी गमाराम खिलेरी को पकड़ा है। सरकारी शिक्षक शेरसिंह मीणा की तलाश जारी है।

राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक केस 2022 में आए दिन नए नए खुलासे हो रहे हैं। सरगना भूपेंद्र सारण के पकड़े जाने के बाद एक पटवारी की भी गिरफ्तारी हुई है। राजस्थान की उदयपुर पुलिस की गिरफ्त में आए इस पटवारी का नाम गमाराम खिलेरी बिश्नोई पिता पुनमा राम बिश्नोई है। गमाराम मूलरूप से जालौर जिले के मालवाड़ा का रहने वाला है, जो हरियाली पटवार मंडल में पटवारी के पद पर कार्यरत है।
उदयपुर पुलिस ने मंगलवार शाम को पटवारी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे तीन मार्च तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पटवारी पर आरोप है कि उसने भूपेंद्र सारण से आठ लाख रुपए में पेपर खरीदा था।
Recommended Video

भूपेंद्र सारण से पेपर खरीदने के बाद पटवारी ने उसे राजस्थान सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों को बेच दिया था। जोधपुर पुलिस हाल ही भूपेंद्र सारण को बैंगलुरु एयरपोर्ट से पकड़कर राजस्थान लाई है। भूपेंद्र सारण व उसके सहयोगी राजीव उपाध्याय से पुलिस पूछताछ में पटवारी की भूमिका का पता चला। पटवारी के जिम्मे शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को एकत्रित करके और पेपर बेचने का काम था।
बता दें कि राजस्थान शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक केस में अब तक 57 आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जिनमें 44 की कोर्ट से जमानत हो चुकी है। सरकारी टीचर अनिल उर्फ शेरसिंह मीणा की तलाश में विभिन्न जयपुर, जालौर व बाड़मेर जिले समेत कई जगहों पर दबिश दी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक भर्ती परीक्षा 2022 में 24 दिसम्बर को उदयपुर पुलिस ने गोगुंदा हाइवे पर एक बस को जब्त किया था, जिसमें सरकारी शिक्षक सुरेश बिश्नोई व भजनलाल बिश्नोई अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र हल करवाते मिले। सुरेश बिश्नोई को पेपर वॉट्सऐप पर भूपेंद्र सारण ने भेजा था।












Click it and Unblock the Notifications