Onion Price : राजस्थान में प्याज के सबसे बड़े उत्पादक इलाके में भी खुदरा के भाव पहुंचे 50 रुपए के पार
जयपुर। राजधानी दिल्ली समेत राजस्थान को भी प्याज रुला रहा है। बढ़ती कीमतों के कारण प्याज आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है। राजस्थान में प्याज के खुदरा के भाव 50 रुपए पार चले गए हैं। वहीं, थोक के भाव 35-40 के आस-पास के हैं। बता दें कि राजस्थान में सीकर, झुंझुनूं और अलवर के आस-पास का इलाका प्याज का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है। हजारों किसान प्याज की खेती कर रहे हैं। दिल्ली की प्याज मंडी के भाव भी शेखावाटी से प्याज की आवक पर निर्भर करते हैं।

अप्रेल में 4-5 रुपए थे थोक के भाव
सीकर के किसान नेमीचंद दूजोद बताते हैं कि दिल्ली व देश के अन्य हिस्सों के साथ राजस्थान में भी प्याज के भाव आसमां छू रहे हैं। अप्रेल-मई 2019 में प्याज के थोक के भाव 4-5 रुपए प्रति किलोग्राम थे, जो जून-जुलाई 2019 तक भाव 6-7 रुपए प्रति किलोग्राम के आस-पास रहे।

आवक हो रही प्रभावित
राजस्थान में प्याज की सीजन खत्म होने पर दिल्ली की मंडी में महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश के किसान प्याज की आपूर्ति शुरू कर देते हैं, मगर इस बार भारी बारिश के कारण सभी जगह प्याज की आवक प्रभावित हुई है। ऐसे में प्याज के भाव लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
सरकार की उदासीनता से बढ़ रहे भाव
किसान नेता अमराराम बताते हैं राजस्थान सरकार ने कभी प्याज की खेती को गंभीरता से नहीं लिया है। यहीं वजह है कि सीकर जैसे प्याज के सबसे बड़े उत्पादक क्षेत्र में प्याज के भंडारण की उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में किसानों को अपने प्याज औने-पौने दामों पर निकालते पड़ते हैं और जब सीजन खत्म हो जाती है तो दिल्ली की मंडी तक में प्याज के भाव बढ़ जाते हैं।
ये 3 गांव प्याज से हो रहे मालामाल
राजस्थान में प्याज की पैदावार के मामले में सीकर जिले के रसीदपुरा, मैलासी, सांवलोद गांव अव्वल हैं। मोटे अनुमान के तौर पर तीनों ही गांवों में सैकड़ों किसान हर साल 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का प्याज पैदा करते हैं। प्याज की खेती यहां पर कारोबार की शक्ल ले चुकी है।












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