कांग्रेस के बयानवीर पायलट तारेंगे लोकसभा की नैय्या ? जानिए कैसे

Rajasthan News: कांग्रेस नेताओं के बयानों पर भले ही भाजपा से लेकर आमजन चुटकी लेते हो। लेकिन सचिन पायलट के बयानों पर चर्चाएं होती है।

भाजपा के नेता जहां कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी हो गया राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सभी नेताओं के बयानों पर चुटकियां लेते है।

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लेकिन कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री के साथ टोंक विधायक सचिन पायलट के बयानों पर देश की सियासत से लेकर सात समुंदर पार तक सियासी जानकार चर्चा और मंथन करते है।

सियासी जानकार मानते है कि 2023 के विधानसभा चुनावोंं में सचिन पायलट को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दरकिनार करने पर कांग्रेस को अपनी सत्ता गंवानी पड़ी है।

पायलट समर्थक नेताओं का तो यहां तक दावा है कि सचिन पायलट के बूते आज मजबूत विपक्ष के साथ राजस्थान की विधानसभा में कांग्रेस स्थापित है।

अब एक बार फिर से कांग्रेस आलाकमान ने बयानवीर सचिन पायलट के कंधों पर सवार होकर लोकसभा चुनावों की नैय्या पार करने की तैयारी शुरू की है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने दावा किया है कि राजस्थान की 25 सीटों के साथ छत्तीसगढ़ में भी लोकसभा चुनावों में जीत हासिल करेंगे।

छत्तीसगढ़ के प्रभारी की जिम्मेदारी के साथ कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य पायलट ने दावा किया है कि इस बार लोकसभा चुनावों में भरोसेमंद युवा चेहरों की तलाश की जा रही है।

पायलट ने वन इंडिया से बातचीत में सवालो का जवाब देते हुए कहा है कि जिस तरह से विधानसभा चुनावों में जहां-जहां युवा चेहरों को मैदान में उतारा वहां से वह सभी जीतकर विधानसभा पहुंचे है।

ऐसे में लोकसभा चुनाव 2024 में भी ऐसे ही कर्मवीर और कामवीर युवाओं की तलाश में पैनल तैयार किया जा रहा है। मैने आलाकमान को इसके लिए कहा भी है कि पार्टी के लिए काम करने वाले युवाओं और आमजन के बीच सक्रिय को टिकट देकर मैदान उतारना चाहिए।

कांग्रेस के जानकार मानते है कि जब-जब सचिन पायलट का नाम आता है तो बड़े बड़े धुरंधर नेता भी पायलट की तारीफ करते नजर आते है।

आपकों बता दे कि कांग्रेस में पूर्व सीएम अशोक गहलोत की उपेक्षा के चलते सचिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष के पद से भी हटाया गया था।

उससे पहले जब पायलट राजस्थान के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष थे,तो उनके कंधों पर सवार होकर कांग्रेस राजस्थान में सत्ता की कुर्सी पर पहुंची।

लेकिन जैसे ही पूर्व सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सियासी द्वंद शुरू हुआ और गहलोत ने पायलट को लेकर टिका-टिप्पणी और बयानबाजी की तो साल 2023 के विधानसभा चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा।

पूर्व सीएम गहलोत से खेमेबंदी के चलते पायलट को पहले उपमुख्यमंत्री पद से हटाया गया । फिर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाया गया।

अब एक बार फिर से कांग्रेस के आलाकमान ने सचिन पायलट की कार्यशैली पर भरोसा जताया है। जिसके चलते राष्ट्रीय महासचिव बनाने के साथ ही छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रभारी भी बनाया है। इसके साथ ही कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य बना कर सियासी तमगें लगाए है।

सचिन पायलट ने भी मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि मुझे भले ही छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है लेकिन राजस्थान की जिम्मेदारी भी मेरे लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है।

कांग्रेसी पदाधिकारियों के साथ कार्यकर्ताओं और युवाओं को लोकसभा चुनावों में बूथ स्तर तक जुटने की लगातार अपील कर रहा हूं ताकि इस लोकसभा चुनाव में युवाओं में जोश और उत्साह बने। मुझे उम्मीद है कि इस बार लोकसभा चुनावों में कांग्रेस राजस्थान के साथ पूरे देश में इतिहार रचेगी।

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