राजस्थान: ब्रह्मा दर्शन के बाद मोदी करेंगे रैली की शुरुआत, अमित शाह होंगे शामिल
जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का चुनाव प्रचार गुरुवार से परवान चढ़ जाएगा। इसे लेकर ही भाजपा के जयपुर स्थित मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी द्वारा बैठकों का दौर जारी है। अपने तूफानी दौरों के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरुवार को सीकर व बीकानेर पहुंचेगे और यहां वे भाजपा कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरेंगे। इधर, इसके ठीक एक दिन बाद 6 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अजमेर पहुंचेगे। मोदी पहले ब्रह्मा मन्दिर के दर्शन करेंगे और इसके बाद जनसभा को सम्बोधित करेंगे। इस रैली का आयोजन मुखयमंत्री वसुंधरा राजे की 'राजस्थान गौरव यात्रा' के समापन अवसर पर हो रहा है।

भाजपा मुख्यालय में बुधवार को सैनी ने पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस रैली को भाजपा राजस्थान के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी रैली के रूप में पेश करना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि हम शासन में पुनः आ रहे हैं और हमारे कार्यकर्ताओं की ताकत के आगे कोई टिक नहीं सकता। हम वो कार्यकर्ता हैं, जो देश के लिए काम करते हैं, किसी व्यक्ति विशेष के लिए काम नहीं करते है। इसलिए हम निश्चित तौर पर शासन में आने वाले है। उन्होंने कहा कि गत 4 अगस्त को चारभुजाजी से शुरू हुई वसुंधरा राजे की 'राजस्थान गौरव यात्रा' के समापन अवसर पर 6 अक्टूबर को अजमेर में आयोजित होने वाली विशाल जनसभा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संबोधित करेंगे और सभी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। इसके बाद मोदी अजमेर से जयपुर आकर दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। उनकी ये रैली कई मायनों में ऐतिहासिक होगी। इसे लेकर भाजपा तैयारी में जुटी हुई है।

उन्होंने कहा कि मोदी के प्रदेश दौरे से पहले भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सीकर व बीकानेर पहुंचेंगे। उनके लगातार संगठनात्मक प्रवास के कारण कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। सैनी ने कहा कि अमित शाह का चुनाव की दृष्टि और संगठनात्मक प्रवास के चलते लगभग सभी सम्भागों में उनके प्रवास कार्यक्रम हुए हैं। अमित शाह 4 अक्टूबर को सीकर में पूर्व सैनिकों व शक्ति केन्द्र प्रमुखों के कार्यक्रम में शामिल होंगे और बीकानेर में अनुसूचित जाति के कार्यकर्ताओं और शक्ति केन्द्र प्रमुख के सम्मेलन को संबोधित करेंगे। अमित शाह बीकानेर में रात्रि विश्राम करेंगे तथा अगले दिन प्रातः दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
हालांकि राजस्थान चुनान जीत पाना किसी भी पार्टी के लिए इतना आसान नहीं होगा। क्योंकि एससी-एसटी एक्ट तथा सवर्ण आंदोलन की आग अभी बुझी नहीं है। रह-रहकर यह अगर सुलग रही है। इसलिए कई बार विरोध करने की खबरे आती रहती हैं।
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