Mizoram Bombing in 1966: सचिन को मिला गहलोत का साथ, बोले-BJP कर रही राजेश पायलट का अपमान
मिजोरम पर भारतीय वायुसेना के पायलट राजेश पायलट द्वारा बम गिराने के भाजपा के दावे पर उनके बेटे सचिन पायलट को भी अब राजस्थान सीएम अशोक गहलोत का भी साथ मिला है।
भारतीय वायुसेना के पायलट राजेश पायलट द्वारा 1966 में मिजोरम पर बम बरसाने के दावे पर भाजपा अब कांग्रेस के निशाने पर आ गई है। राजेश पायलट के बेटे सचिन पायलट ने भाजपा के इस दावे को तथ्यहीन करार दिया है। खास बात यह है कि इस मामले में सचिन पायलट को अशोक गहलोत का भी साथ मिला है।

राजस्थान सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट करके कहा कि कांग्रेस नेता राजेश पायलट भारतीय वायुसेना के वीर पायलट थे। उनका अपमान करके भाजपा भारतीय वायुसेना के बलिदान का अपमान कर रही है। इसकी पूरे देश को निंदा करनी चाहिए।
सीएम अशोक गहलोत का यह ट्वीट सचिन पायलट के उस ट्वीट के अगले ही दिन आया है, जिसमें सचिन पायलट ने भाजपा आईटी सैल प्रमुख अमित मालवीय के दावे को झूठा करार दिया था। मालवीय ने दावा किया था कि मिजोरम पर 1966 में भारतीय वायुसेना के तत्कालीन पायलट राजेश पायलट ने मिजोरम पर बम बरसाए थे।
मिजोरम हिंसा 2023 के बीच राजेश पायलट नाम आने की पूरी कहानी ये है कि पिछले कई माह से मिजोरम हिंसा की आग में जल रहा है। वहां दो समुदाय मैतेई और कुकी के बीच तनाव है। विपक्षी गठबंधन चाहता था कि पीएम नरेंद्र मोदी मिजोरम हिंसा पर अपनी बात रखे। फिर इसी मांग को लेकर विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया।
अश्विास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि 1966 में इंदिरा गांधी की सरकार के कार्यकाल में भारतीय वायुसेना ने मिजोरम पर बम बरसाए थे। उसी दावे को आगे बढ़ाते हुए भाजपा आईटी सैल के प्रमुख अमित मालवीय 13 अगस्त को ट्वीट करके यह दावा कर दिया कि 5 मार्च 1966 को मिजोरम में बम बरसाने वाले भारतीय वायुसेना के पायलटों के नाम राजेश पायलट व सुरेश कलमाड़ी थे, जो बाद में दोनों ही कांग्रेस नेता भी बने।
राजेश पायलट का नाम आने पर उनके बेटे व कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने भाजपा पर निशाना साधा। अमित मालवीय के ट्वीट का जवाब देते पर सचिन पायलट ने लिखा कि 'आपके पास गलत तारीखें, गलत तथ्य हैं। हां, भारतीय वायु सेना के पायलट के रूप में मेरे दिवंगत पिता ने बम गिराए थे। लेकिन वे 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान पर गिराए थे ना कि जैसा कि आप दावा करते हैं कि 5 मार्च 1966 को मिज़ोरम पर।' उन्हें (राजेश पायलट) 29 अक्टूबर 1966 को ही भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था!
सचिन पायलट ने सबूत के तौर पर अपने ट्वीट के साथ तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरि के हस्ताक्षरयुक्त एक पत्र भी शेयर किया था। इसी कड़ी में अब अशोक गहलोत ने भी राजेश पायलट के नाम से भाजपा पर निशाना साधा है।
कौन थे राजेश पायलट?
- राजेश पायलट उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के गांव वैदपुरा के रहने वाले थे।
- बिधूड़ी गुर्जर समाज में पैदा हुए राजेश पायलट का असल नाम राजेश्वर प्रसाद बिधूड़ी था।
- 29 अक्टूबर 1966 को राजेश पायलट को भारतीय वायुसेना में पायलट ऑफिसर के रूप में कमीशन मिला था।
- भारत-पाकिस्तान युद्ध 1971 में राजेश पायलट ने अदम्य साहस दिखाया था। जंग में ये बमवर्षक पायलट के रूप में शामिल किए गए थे।
- 1980 के लोकसभा चुनाव में पायलट ने भरतपुर से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और उसी समय अपना उपनाम बदलकर पायलट रख लिया।
- 11 June 2000 को 55 साल की उम्र में राजेश पायलट की जयपुर के नज़दीक कार एक्सीडेंट में मौत हो गई।












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