पेपर लीक मामले में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का बड़ा खुलासा, कहा-'एसओजी के अफसरों ने 64 लाख की रिश्वत ली'
Rajasthan News: राजस्थान के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बुधवार को खुलासा किया कि शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में एक आरोपी ने आरोप लगाया है कि एसओजी के अधिकारियों ने परीक्षा के पेपर लीक करने के लिए अलग-अलग समय पर कुल 64 लाख रुपए की रिश्वत ली है। पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि मुझे यह पत्र भूपेंद्र सारण से मिला है। जो पेपर लीक मामले में जेल में बंद है। इस पत्र में उन्होंने कहा है कि एसओजी के लोगों ने पेपर लीक के लिए अलग-अलग समय पर 64 लाख की रिश्वत ली है।
मीणा ने कहा कि उन्होंने एडीजी को आरोपों के बारे में जानकारी दी है और बताया है कि पिछली राज्य सरकार के प्रमुख नेता इसमें शामिल हैं। उन्होंने एसओजी अधिकारियों की गिरफ्तारी और निलंबन की भी मांग की है। उन पर छात्रों के भविष्य को खतरे में डालने का आरोप लगाया है।

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की बड़ी घटना में भूपेंद्र सारण को मुख्य आरोपी माना गया है। कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल के दौरान कई पेपर लीक हुए।
पिछले साल मई में प्रवर्तन निदेशालय ने शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा और अन्य को गिरफ्तार किया था। ईडी अधिकारियों ने कटारा और जयपुर के सरकारी शिक्षक शेर सिंह मीना से उदयपुर सेंट्रल जेल में पूछताछ की। जिसने कटारा से लीक पेपर खरीदा था।
बाबूलाल कटारा वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा का पेपर सेट करने के लिए जिम्मेदार था। लेकिन उसने 60 लाख रुपये में पेपर लीक कर दिया। एसओजी ने उससे पूछताछ के बाद यह खुलासा किया। राज्य पुलिस की एसओजी ने अप्रैल में आरपीएससी सदस्य कटारा, उसके भतीजे विजय कटारा और आयोग में कार्यरत ड्राइवर गोपाल सिंह को गिरफ्तार किया था।
#WATCH | Jaipur | Rajasthan Minister Kirodi Lal Meena says, "I have received this letter through post from Bhupendra Saran, who is in jail in the paper leak issue. In this letter, he has said that - SOG people have taken 64 lakhs as a bribe at different times for paper leaks... I… pic.twitter.com/LqDxDbNfoR
— ANI (@ANI) July 24, 2024
एसओजी ने खुलासा किया कि कटारा ने परीक्षा के प्रश्न निलंबित सरकारी स्कूल के उप-प्रधानाचार्य अनिल कुमार मीणा उर्फ शेर सिंह को 60 लाख रुपए में सौंपे थे। इसके बाद अनिल कुमार मीणा ने इन प्रश्नों को रैकेट में शामिल अन्य प्रमुख लोगों भूपेंद्र सारण और सुरेश कुमार ढाका को सौंप दिया। अनिल कुमार मीणा को आखिरकार राजस्थान पुलिस ने ओडिशा में गिरफ्तार कर लिया।
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान पेपर लीक मामले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही जांच एजेंसियों ने भूपेंद्र सारण, सुरेश विश्नोई और अन्य आरोपियों से भी पूछताछ की। मंत्री मीणा के इस खुलासे ने पेपर लीक में पिछले प्रशासनों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठा दिए है।












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