Rajasthan Bypoll Results 2019 LIVE : मंडावा व खींवसर दोनों जगह कांग्रेस आगे, जानिए ताजा अपडेट
मंडावा/खींवसर। राजस्थान उप चुनाव 2019 में गुरुवार 24 अक्टूबर को झुंझुनूं जिले की मंडावा और नागौर जिले की खींवसर विधानसभा सीट के मतों की गणना की जा रही है। सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो चुकी है। दोनों सीटों पर 21 अक्टूबर को वोटिंग हुई थी। मंडावा में कांग्रेस की रीटा चौधरी और भाजपा की सुशीला सीगड़ा तथा खींवसर में आरएलपी के नारायण बेनीवाल और कांग्रेस के हरेंद्र मिर्धा में कड़ा मुकाबला है।

खींवसर सीट के मतों की गणना
| राउंड | नारायण बेनीवाल (आरएलपी) | हरेंद्र मिर्धा (कांग्रेस) | अंतर |
| 1 | 3381 | 4477 | 1046 कांग्रेस आगे |
| 2 | 6944 | 9189 | 2242 कांग्रेस आगे |
| 3 | 10592 | 14025 | 3433 कांग्रेस आगे |
मंडावा सीट के मतों की गणना
| राउंड | सुशीला सींगड़ा भाजपा | रीटा चौधरी कांग्रेस | अंतर |
| 1 | 2837 | 4981 | 2144 कांग्रेस आगे |
| 2 | 2069 | 4224 | 2155 कांग्रेस आगे |
| 3 | 2731 | 4719 | 1988 कांग्रेस आगे |
| 4 | 2844 | 4402 | 1558 कांग्रेस आगे |
राजस्थान उप चुनाव 2019 में मतदान के बाद अब जानिए मंडावा-खींवसर में 24 को कौन बन सकता है MLA
बेनीवाल व खींचड़ बन गए थे सांसद
2018 विधानसभा चुनाव में खींवसर से हनुमान बेनीवाल और मंडावा से नरेंद्र खींचड़ विधायक बने थे, जिसके बाद हनुमान बेनीवाल के नागौर सीट से और नरेंद्र खींचड़ के झुंझुनू सीट से लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद दोनों सीटें खाली हो गई थी। खींवसर सीट हनुमान बेनीवाल का गढ़ मानी जाती है। वे यहां से तीन बार विधायक भी रह चुके हैं।

मंडावा से सिर्फ एक बार जीती भाजपा
मंडावा में 1952 से लेकर अब तक हुए चुनावों में भाजपा सिर्फ एक बार 2018 में ही विधानसभा चुनाव जीती है। इस सीट पर विकास बड़ा चुनावी मुद्दा है, लेकिन कर्मचारियों के तबादले भी इस समय मुद्दा बन गए हैं।
खींवसर में 40 साल पुरानी सियासी लड़ाई
40 साल पुरानी मूंडवा की लड़ाई खींवसर आ पहुंची है। मूंडवा में 1980 में बेनीवाल के पिता रामदेव को हरेंद्र मिर्धा ने हराया था। 1985 में रामदेव ने मिर्धा को हराया। मूंडवा व नागौर से ही 2008 में खींवसर सीट बनी। अब रामदेव के बेटे नारायण व मिर्धा में मुकाबला है। यहां खास चुनावी मुद्दा नहीं।












Click it and Unblock the Notifications