Chittorgarh: बहन ने जिद करके प्रेमी से करवाई सगे भाई की हत्या, 'दृश्यम' स्टाइल में ठिकाने लगाया शव
महेंद्र राइका हत्याकांड राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के गंगरार कस्बे का है। बहन तनु ने प्रेमी महावीर के साथ साजिश रचकर भाई महेंद्र का कत्ल करवाया था।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के गंगरार कस्बे में महेंद्र राइका हत्याकांड की कहानी फिल्म 'दृश्यम' सरीखी है। इस रियल लाइफ कहानी में हत्या करने वाला खूब फिल्में देखा करता था। फिल्म 'दृश्यम' देख ही उसने शव को ठिकाने लगाया।
महेंद्र राइका हत्याकांड की कहानी चित्तौड़गढ़ जिले में 5 दिसम्बर 2022 को शुरू होती है। इस दिन चित्तौड़गढ़ के हनुमान मंदिर के पीछे कुएं में सिर कटी लाश मिली थी। हत्या कई दिन पहले की गई थी। गंगरार पुलिस मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त करने की कोशिशों में जुटी।

तब अंधेरा हो चुका था। पुलिस टॉर्च की रोशनी में शव की जांच पड़ताल कर रही थी। तभी शव के हाथ पर कुछ नाम लिखा दिखा था। पुलिस ने नाम पढ़ने की कोशिश की और बोली कि शायद कमलेश राइका लिखा हुआ है। इतने में वहां मौजूद महावीर नाम के युवक ने तुरंत कहा कि कमलेश नहीं महेंद्र राइका लिखा है।
पुलिस ने महावीर की बात पर उस वक्त ज्यादा गौर नहीं किया और फिर शव की शिनाख्त करके हत्या करने वाले और हत्या की वजह का पता लगाने में जुट गई। जांच में पता चला कि महेंद्र राइका 16 नंवबर को अपने से लापता था। उसकी आखिरी बार 21 नवंबर को अपनी बहन तनु से मोबाइल पर बात हुई थी।
तनु ने घर से निकलने के पांच दिन बाद 21 नवंबर को उसकी भाई महेंद्र से फोन पर बात हुई थी। उसके बाद से उसका मोबाइल बंद आ रहा। परिजनों ने बताया कि महेंद्र पहले भी घर से ऐसे कई-कई दिन गायब रहने के बाद खुद ही लौट आता था। इसलिए उन्होंने इसको गंभीरता से नहीं लिया।
6 दिसम्बर 2022 को सिर कटी लाश व सिर कुएं में पड़ा मिला। परिजनों ने शव का दाह संस्कार कर दिया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि महेंद्र तो अपनी बहन तनु की शादी करने वाला था। उसका किसी से कोई झगड़ा भी नहीं था। उसकी कोई हत्या क्यों कर सकता है।
इसी दौरान पुलिस को शव मिलने के दौरान महेंद्र राइका के हाथ पर नाम पढ़ने वाले महावीर के बारे में पता चला कि वह महेंद्र की छोटी बहन का मुंहबोला भाई बना हुआ था। उसका महेंद्र के घर आना जाना था।
इस बीच महावीर व तनु के बीच अफेयर शुरू हो गया। शादी की बात आई तो तनु ने महावीर के साथ मिलकर अपने भाई को ही रास्ते से हटाने का प्लान बना डाला।
प्लान के तहत तनु और उसकी बहन 16 नवंबर 2022 को किसी दूसरी जगह से अपने घर आ रही थी। उन्होंने भाई महेंद्र को फोन करके लेने आने के लिए बुलाया। रास्ते में महेंद्र की मुलाकत महावीर से हुई। महावीर उसे गांजा पिलाने कहीं ले गया।
नशा होने पर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर शव के दो टुकड़े करके कुएं में फेंक दिए। महेंद्र की हत्या के बाद भी महावीर तनु के घर पहले की तरह आता जाता रहा ताकि किसी को शक नहीं हो।
महेंद्र का मोबाइल महावीर के पास ही था। 21 नवंबर को उसने अपना फोन घर छोड़कर चित्तौड़गढ़ से 200 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के रतलाम पहुंचा और वहां से महेंद्र के फोन से उसकी बहन तनु से बात की। ताकि पुलिस जांच में मोबाइल लोकेशन खंगाली जाए तो महेंद्र की लोकेशन 21 नवंबर को रतलाम के पास आए।
शव मिलने के दौरान कमलेश राइका नाम को महेंद्र राइका पढ़कर बताने वाली बात के आधार पर पुलिस ने महावीर को हिरसात में लेकर पूछताछ की तो शुरुआत में तो उसने पुलिस को गुमराह किया। फिर सच उगल दिया। इसके बाद पुलिस ने महावीर के साथ साथ प्रेमिका तनु को भी अरेस्ट कर लिया था। अभी मामला कोर्ट में विचाराधीन है।












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