महंत बालकनाथ कितने पढ़े-लिखे हैं? जिनको मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा सौंप सकती है राजस्थान की कमान
Baba Balaknath: राजस्थान के विधानसभा चुनाव 2023 में बीजेपी को प्रचंड जीत मिली है। राजस्थान की 199 विधानसभा सीटों में से भाजपा को 115 सीटों पर जीत हासिल हुई वहीं कांग्रेस महज 69 सीटों पर ही सिमट गई। राजस्थान में भाजपा अब किसको सीएम बनाएगी इसका खुलासा अभी होना बाकी है लेकिन सीएम पद को लेकर बाबा बालकनाथ का नाम जमकर चर्चा में हैं। माना जा रहा है कि अपने फैसलों से हैरान करने के लिए जानी जाने वाली भाजपा राजस्थान में बाबा बालकनाथ को मुख्यमंत्री बना कर जल्द सरप्राइज कर सकती है।

बता दें बाबा बालकनाथ भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संप्रदाय से ताल्लुक रखते हैं। चूंकि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाने का जो फैसला भाजपा ने वर्षों पहले किया था वो सफल रहा, इसलिए भाजपा राजस्थान में भी ऐसा प्रयोग करते हुए यूपी की तर्ज पर राजसथान में बाबा बालकनाथ को भाजपा मुख्यमंत्री बना सकती है।

भाजपा के फायरब्रांड नेता महंत बालकनाथ
महंत बालकनाथ की उम्र 39 वर्ष है और वो राजस्थान में भाजपा के फायरब्रांड नेता है। अलवर से सांसद रहते हुए बाबा बालकनाथ ने अलवर की तिजारा विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर इस बार कांग्रेस प्रत्याशी आरिफ को भारी मतों से हराया है।
"राजस्थान का योगी"
महंत बालकनाथ अपना नामांकन करने बुलडोजर पर बैठकर गए थे, लोगों ने बालकनाथ में योगी की छवि को देखा और इन्हें राजस्थान का योगी" पुकारना शुरू कर दिया। योगी आदित्यनाथ की ही तरह महंत बाबा बालकनाथ भी भगवा वस्त्र पहनते हैं।
6 साल की उम्र में ले लिया था संन्यास
बता दें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी के गोरखपुर जिले के नाथ संप्रदाय के पीठ गोरखनाथ के महंत हैं और बाबा बाकनाथ हरियाणा के रोहतक में मस्तनाथ मठ के महंत हैं। योगी आदित्यनाथ 12 साल की उम्र में उत्ताखंड में अपना परिवार छोड़ कर सन्यासी बन गए थे, वहीं बाबा बालकनाथ महज 6 साल की उम्र में आधात्म के पथ पर निकल पड़े थे।
महंत बालकनाथ का परिवार और घर
16 अप्रैल 1984 में अलवर जिले के कोहराना गांव में यदुवंशी परिवार में जन्में बाबा बालकनाथ का परिवार खेती-किसानी करता था। इसके साथ ही संतों की सेवा करने में लीन रहता था। इतना ही नहीं घर में आध्यत्मिक माहौल और अच्छे संस्कार की बदौलत वो प्रभु सेवा के लिए हनुमानमठ में जा कर रहने लगे और वहां पर उन्होंने आध्यात्म की शिक्षा प्रात्त की।
महंत बालकनाथ ने कितनी की है पढ़ाई?
बाबा बालकनाथ वर्ष 2016 में रोहतक के मस्तनाथ मठ के उत्तराधिकारी की गद्दी संभाली थी। इसके अलावा बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के चांसलर की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। बालकनाथ नाथ संप्रदाय के आठवें संत हैं और उन्होंने इंटमीडिएट तक की पढ़ाई की है।












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