सप्ताहभर में दूल्हा बदलने के लिए शादी करती है यह खूबसूरत लड़की, इस बार दुल्हन बनी तो फंस गई
चित्तौड़गढ़, 31 अगस्त। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले की निम्बाहेड़ा पुलिस ने फर्जी शादी कर रुपए ऐंठने के मामले में तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया। महिलाओं ने जिसको अपना शिकार बनाया उसने सबूत के तौर पर फर्जी दुल्हन की रिकॉर्डिंग की सीडी बनाकर पुलिस को सौंपी है।

लाडो कुमावत के नाम से प्रस्ताव मिला
पीड़ित जयराम मालवीय ने बताया कि उसका परिवार उसके लिए लड़की तलाश कर रहा था। इस दौरान 4 जुलाई 2021 को परिवार के पास लाडो कुमावत के नाम से प्रस्ताव मिला। इस गिरोह की अन्य सदस्य सीमा शेख, सपना कटिंग और शाबिर चाचा तीनों लाडो कुमावत के रिश्तेदार बनकर शादी का प्रस्ताव लेकर आए थे। जयराम खुद लाडो से मिला और मिलने के बाद शादी के लिए मंजूरी दे दी। इसके बाद 9 जुलाई 2021 को दोनों की शादी हो गई। जयराम को इस बात की भनक तक भी नहीं थी कि नेहा कश्यप की नकली आईडी बनाकर लाडो कुमावत बनकर गई थी।

चाय में दे दी बेहोशी की दवा
पीड़ित जयराम ने बताया कि वह एक ड्राइवर है और 16 जुलाई को एक बारात को लेकर उज्जैन जाना था। उस दिन नेहा सुबह ही नहा धोकर रेडी हो गई, जबकि वह इतनी जल्दी नहाती भी नहीं है। उसके बाद शाम को घर वालों का फोन आया की नेहा ने उस दिन 2:30 बजे की चाय 12:30 बजे की बना दी और उसमें नींद की गोली मिला दी, जिससे घरवाले बेहोश हो गए।

लोग बेहोश होने के बाद भागी नेहा
इसी का फायदा उठाकर नेहा मौके से भाग निकली। इस दौरान जयराम के घर में सिर्फ उसकी बहन और नानाजी ही थे बाकी सब लोग खेती करने चले गए थे। जब जयराम ने पता किया तो वह उज्जैन के पास एक जैसल टैंक गांव में बस के जरिए पहुंची थी और बस में ही बैठी थी, वहां से जयराम उसको पकड़ कर फिर वापस घर लाया।

आरोपी ने ही जोश-जोश में दे दिए सबूत
जयराम का कहना है कि इसकी खबर जब सीमा को दी गई तो सीमा, सपना और साबिर चाचा तीनों मौके पर पहुंचे और उसे समझाने का ड्रामा करने लगे। घर से भागने को लेकर परिवार के सामने डांटने का बहाना भी किया जबकि उसके कान में चुपके से जल्दी सुबह निकलने का बोलकर तीनों वहां से रवाना हो गए। फिर अगले दिन नेहा सब के कहे अनुसार सुबह जल्दी मौका देख कर निकल गई।

रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी
जयराम ने जब इसकी रिपोर्ट थाने में करवाई तो पुलिस ने मौके पर सपना को बुलाया। वहां वह अपने आप को बचाने के लिए जोश-जोश में पुलिस को सब कुछ बता दिया कि उन्होंने किस तरह से उसको भागने के लिए कहा और साथ ही अपने मोबाइल में रखे सारी रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंप दी। इस तरह से पुलिस को सारे सबूत मिल गए।

मां को नहीं लगता कि बेटी कसूरवार है
पुलिस का कहना है कि आरोपी नेहा की मां वाराणसी निवासी मुन्नी देवी इस बात को मानने को ही तैयार नहीं है कि उसकी बेटी गलत है। वह बार-बार ही एक बात कहती है कि उसे उसकी बेटी को से फंसाया जा रहा है। जबकि गिरोह में शामिल होकर वो भी लोगों को ठगती है।

गिरोह के अन्य सदस्य घबरा गए
पुलिस का यह भी कहना है कि नेहा सिर्फ दो-चार दिन के लिए शादी करके गई थी, लेकिन उसे नहीं पता कि उसे एक महीना हो जाएगा। इस बात पर को लेकर गिरोह के अन्य सदस्य घबरा गए। हालांकि तीनों उन्हें अपने अन्य कोई जुर्म के बारे में कुछ नहीं कहा लेकिन तीनों के आपराधिक रिपोर्ट ढूंढे जा रहे हैं। साथ ही चाचा को भी ढूंढा जा रहा है।

पहले भागने का मौका नहीं मिला
जयराम ने बताया कि पहले निंबाहेड़ा कोर्ट में शादी हुई।। फिर उसके गांव में जाने के बाद पूरे रीति रिवाज के साथ उसकी शादी हुई। शादी के बाद दोनों साथ ही रहते थे इसलिए नेहा को कभी भागने का मौका नहीं मिला। जिस दिन जयराम अपने काम के लिए गया उस दिन उसने भागने की कोशिश की। शादी के दौरान जयराम ने एक लाख 10 हजार रुपए आरोपियों को दिए और वकील को 5000 रुपए दिए थे।












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