Ajmer News: ख्वाजा की दरगाह में गंगा जमुनी तहजीब हुई साकार,मनाया गया वसंत उत्सव
Rajasthan News: अजमेर में ख्वाजा साहब की दरगाह में वसंत उत्सव का आयोजन हुआ। शाही कव्वालों ने गाए वसंत के गीत।
ख्वाजा साहब की मजार शरीफ पर पेश हुए पीले फूल, गंगा जमुनी तहजीब की तस्वीरें आई सामने, कव्वालों ने अमीर खुसरों के लिखे कलाम पेश किए।

इसे भारत की गंगा जमुनी तहजीब की कहा जाएगा कि अजमेर स्थित विश्वविख्यात ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी वसंत उत्सव मनाया गया।
इस मौके पर शाही कव्वाल और उनके साथ पीले फूलों का गुलदस्ता हाथ में लेकर अमीर खुसरों के लिखे कलाम, ख्वाजा की चैखट चूम ले, बसंत फूलों के गढ़वे हाथ ले, गाना बजाना साथ ले, क्या खुशी और ऐश का सामान लाती है बसंत, ख्वाजा मोईनुद्दीन के घर आज आती है बसंत गाते हुए वसंत पेश किया।
शाही कव्वाल के साथ दरगाह के खादिम जुलूस के रूप में बुलंद दरवाजा, सहन चिराग, संदली गेट होते हुए अहाता-ए-नूर तक पहुंचे।
इसके बाद पूरी अकीदत के साथ पीले फूलों का गुलदस्ता ख्वाजा साहब की मजार पर पेश किया गया। इस मौके पर दरगाह दीवान के पुत्र व खादिम भी उपस्थित रहे।
दरगाह में वसंत उत्सव के खास मायने हैं। उत्सव के समय दरगाह परिसर का माहौल खुशनुमा रहता है। प्रकृृति के सौंदर्य से जुड़े वसंत उत्सव में सभी अकीदतमंद मौजूद रहते है।
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— PURSHOTTAM KUMAR (@pkjoshinews) February 16, 2024
असल में ऐसे ही उत्सवों और कार्यक्रमों की वजह से ख्वाजा साहब की दरगाह को साम्प्रदायिक सद्भावना की मिसाल माना जाता है।
दरगाह में ऐसी अनेक परंपराएं हैं जो भारतीय सनातन संस्कृति से जुड़ी हुई है। देश का साम्प्रदायिक माहौल चाहे कैसा भी हो, लेकिन ख्वाजा साहब की दरगाह में सद्भावना का माहौल बना रहता है।
यही वजह है कि रोजाना हजारों हिन्दू श्रद्धालु दरगाह में जियारत के लिए आते हैं। दरगाह में जब भारतीय संस्कृति का वसंत उत्सव मनाया जाता है तो सद्भावना और मजबूत होती है।












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