Rajasthan News: कूनो के चीता की राजस्थान में दहशत ! दो दिन से अफसर कर रहे यह काम
Rajasthan News: दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाया गया एक चीता मध्यप्रदेश की सीमा पार कर राजस्थान के करौली तक पहुंच गया है। मध्यप्रदेश से राजस्थान तक के इलाकों में हडकंप के साथ दहशत हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों के साथ टीमें अलर्ट पर है।
मध्य प्रदेश के कूनो से चंबल के राहु घाट मंडरायल तक चीता आ पहुंचा। चीते को देखने स्थानीय ग्रामीणों का हुजूम उमड़ रहा है। डीसीएफ पीयूष शर्मा और करौली फॉरेस्ट की टीम मौके पर पहुंच गया है।

कूनो नेशनल पार्क की टीम चीते को ट्रेंकुलाइज करने का प्रयास कर रही है। फिलहाल चीते का मूवमेंट करणपुर के सिमारा गांव के आस पास दिखाई दे रहा है।
Recommended Video
मंडरायल के सिमारा गांव में चीते का मूवमेंट दिखा। चीते को देख 500 से अधिक ग्रामीणों की भीड़ वन क्षेत्र में जुटी। 2 थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों को चीते से दूर रखने के प्रयास किए जा रहे है। PCCF & CWLW पवन उपाध्याय वन अधिकारियों से पल-पल का फीडबैक ले रहे है।
रणथंभौर के फील्ड डायरेक्टर अनूप केआर, DCF डॉ.रामानंद भाकर, करौली DCF पीयूष शर्मा, DCF सुमित बंसल, तीन रेंज के रेंजर व अन्य वनकर्मी मौजूद है
दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाए गए चीते लगातार बाहर की दौड़ लगा रहे है। इसी कड़ी में एक चीता मध्यप्रदेश की सीमा पार कर राजस्थान पहुंच गया है।
जिससे प्रदेश के कई इलाकों में हदशत मची हुई है। हालांकि वन विभाग इस मामले को लेकर अलर्ट मोड़ पर है। पिछले वर्ष 25 दिसंबर को अग्नि नाम का नर चीता भी कूनो से बारां पहुंच गया था। जिसे ट्रेंकुलाइज कर वापस कूनो ले जाया गया था।
मध्यप्रदेश के समीपवर्ती जिले करौली के मंडरायल के नजदीक चीता का मूवमेंट बताया जा रहा है। चीता कूनो से विजयपुर, रामपुर, सबलगढ़ होते हुए राहु घाट के पास पहुंचा। कूनो नेशनल पार्क से करीब 85 किलोमीटर की दूरी पर राहु घाट है।
मध्य प्रदेश वन विभाग के साथ-साथ राजस्थान वन विभाग की टीम भी अलर्ट मोड़ पर है। वन विभाग की टीम लगातार चीते को ट्रैक कर रही है।
आपकों बता दे इससे पहले कूनो नेशनल पार्क आए 'चीते ओबान' ने तीसरी बार पार्क से माधव नेशनल पार्क पहुंच गया था। चूंकी यहां पर बाघ और तेंदुआ भी हैं ।
चीतों ने जीवन में कभी बाघ या तेंदुआ देखा ही नहीं, यदि ऐसे में दोनों का आमना-सामना हो गया तो इसका क्या परिणाम होगा, टाइगर यदि हिंसक हो गया तो ओबान की जान पर भी बन सकती है। इस कारण कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन और माधव नेशनल पार्क प्रबंधन के लिए चिंता का विषय है।












Click it and Unblock the Notifications