Rajasthan Politics News: कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए खिलाड़ी लाल का हुआ मोहभंग, इस्तीफा देने की बताई वजह
Rajasthan Politics: राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर से उबाल आता हुआ नजर आ रहा है। कांग्रेस में सचिन पायलट खेमें के माने जाने वाले पूर्व सांसद खिलाड़ी लाल बैरवा लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा में शामिल हुए थे और चंद महीनों में उनका भाजपा से मोह भंग हो गया।
खिलाड़ी लाल बैरवा ने आज भाजपा पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। अपना इस्तीफा भाजपा के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को भेज दिया।
हालांकि इस दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए खिलाड़ी लाल बैरवा की मन की पीड़ा खुलकर सामने आई। बैरवा ने कहा कि कांग्रेस में गहलोत से परेशान थे यहां सम्मान मिलने की उम्मीद से आए थे लेकिन पिछले 4 महीनों में किसी ने हाल चाल भी नहीं पूछा।

अब स्थानीय लोग अपनी समस्याएं लेकर आते है ना तो उनका समाधान करवा पा रहे है ना करने के लायक है। ऐसे में अब मन नहीं लग रहा है। इसलिए आज भाजपा से भी इस्तीफा दिया है।
फिर कांग्रेस में जाने के सवालों पर बोले हुए खिलाड़ी ने कहा कि हमारे नेता तो सचिन पायलट है लेकिन बात उनकी नहीं है मैं तो लोकेश शर्मा के बयानों से सहमत हूं उन्होने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर सही आरोप लगाए है।
सोमवार को पूर्व सांसद खिलाड़ी लाल बैरवा ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नाम पत्र लिखकर अपना इस्तीफा दिया है।
पत्र में उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं के लगातार भाजपा से दूरी का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा से नहीं जुड़ पा रहा हूं। हालांकि, खिलाड़ी ने अपने इस्तीफे में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जमकर निशाना साधा है।
जानिए क्या लिखा पत्र में
खिलाड़ी लाल बैरवा ने अपने इस्तीफे में भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को संबोधित करते हुए पहले तो उन्हें अध्यक्ष नियुक्त होने पर बधाई दी।
उसके बाद कहा कि "पूर्व मुख्यमंत्री (कांग्रेस) की ओर से अपने चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की लालसा में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को कांग्रेस से बाहर करने का असफल प्रयास किया।
सचिन पायलट के गुट के लोगों के फोन टेप करवाए, जिसका लोकेश शर्मा (ओ.एस.डी. , पूर्व मुख्यमंत्री) सविस्तार बता चुके हैं। इसमें मेरा भी फोन टेप करवाया गया, जो कि जांच का विषय है। योजनाबद्ध तरीके के साथ मुझे भी पार्टी से निकाला गया।
खिलाड़ी ने आगे पत्र में लिखा कि कुछ खास चापलूस लोगों की सिफारिश पर राजस्थान के इतने टुकडे़-टुकडे़ कर दिए। पंचायत समिति स्तर के क्षेत्रफल वालों को जिले बना दिए, समाज के टुकड़े कर इतने सामाजिक बोर्ड बना दिए, जिनका स्वयं को भी पता नहीं।
मैंने 33 वर्ष कांग्रेस में सक्रिय राजनीति की है। विधारधारा मेरे खून में शामिल हो गई है। मुझे भाजपा से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन मैं और मेरे साथी कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी से अलग होते हुए प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।
मैं राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि नए जिलों को लेकर समीक्षा होनी चाहिए फिर क्या मतलब रह जाएगा जोधपुर, अजमेर और अलवर जैसे जिलों का जब ग्राम पंचायतें ही जिला बन जाएगी।












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