खाटू मेला 2022 : पहले दिन दो लाख से ज्यादा श्याम भक्तों ने किए दर्शन, कोरोना की दोनों डोज अनिवार्य
खाटू मेला 2022 : पहले दिन दो लाख से ज्यादा श्याम भक्तों ने किए दर्शन, कोरोना की दोनों डोज अनिवार्य
खाटूश्यामजी, 7 मार्च। राजस्थान के सीकर जिले के खाटूश्यामजी कस्बे में बाबा श्याम का फाल्गुन लक्खी मेला 6 मार्च 2022 से शुरू हो चुका है। 15 मार्च तक चलने वाले इस मेले में राजस्थान, हरियाणा, गुजरात व दिल्ली समेत देशभर श्याम भक्त पहुंच रहे हैं।

25 लाख से अधिक श्याम भक्तों के पहुंचने का अनुमान
खाटू मेला 2022 के पहले दिन 2 लाख से ज्यादा श्याम भक्तों ने हारे का सहारा बाबा श्याम के दरबार में धोक लगाई। इस लिहाज से हर घंटे में आठ हजार से अधिक भक्तों ने खाटूश्यामजी के दर्शन किए हैं।
बता दें कि खाटू फाल्गुन लक्खी मेले में देशभर से 25 लाख से अधिक श्याम भक्तों के पहुंचने का अनुमान है। कोरोना महामारी के चलते सीकर जिला प्रशासन और खाटू धाम कमेटी ने विशेष व्यवस्थाएं की है। इस बार मेले में आने वालों के कोरोना के टीके की दोनों डोज लगी होना अनिवार्य है।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था
बता दें कि बाबा के दर्शनों के लिए मंदिर कमेटी की ओर से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था रखी गई है। अगर आप खाटूश्याम जी के दर्शनों के लिए आ रहे है तो पहले मंदिर कमेटी की वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। अगर आप बिना रजिस्ट्रेशन के आ रहे है तो आपकों दर्शनों के लिए समस्या हो सकती है। प्रशासन की चेकिंग करते समय दर्शनों की लाइन से अलग किया जाएगा।

कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
- मंदिर कमेटी की वेबसाइट https://shrishyamdarshan.in पर जाना होगा।
- दर्शन की तारीख और मेम्बर्स की संख्या डाली होगी। टाइम स्लॉट 24 घंट का रहेगा।
- साइट पर आपको नाम, कॉन्टेक्ट, ईमेल आईडी और आधार नंबर डालना होगा।
- इसके बाद आपको मोबाइल नंबर पर वेबसाइट से मैसेज मिलेगा।
- जिसमें आपको दर्शनों के लिए टाइम स्लॉट रखा जाएगा।
- इन नंबरों के आधार पर या फिर रजिस्ट्रेशन का प्रिंट लेकर आप आराम से दर्शनों के लिए जा सकते हैं।

कोरोना की आरटीपीसीआर रिपोर्ट जरूरी
- खाटू मेल में आने से पहले आपको कोरोना की दोनों डोज लगाना जरूरी है।
- कोरोना टेस्ट की आरटीपीसीआर रिपोर्ट होनी चाहिए।
- रींगस मोड पर पुलिस की बेरीकेडिंग है। जहां कोरोना टेस्ट रिपोर्ट या दोनों डोज का सर्टिफिटेक होना चाहिए।
- दो जगह पर ये रिपोर्ट चेक की जाएगी। मंदिर में एंट्री से पहले भी रिपोर्ट की जांच की जाएगी।
- होटलों को भी निर्देश किसी को भी दोनों डोज लगे होने पर कमरे दिए जाएं।

खाटू पहुंचने के रास्ते
रींगस से खाटूश्याजी की दूरी करीब 18 किलोमीटर है।
इस रास्ते को प्रशासन ने 15 मार्च तक वन वे कर दिया है।
यहां से केवल पैदल ही मंदिर तक जा सकते हैं।
किसी भी तरह के वाहनों को एंट्री नहीं होगी।
आप जयपुर, दिल्ली, गुरुग्राम समेत कहीं से भी आ रहे हैं तो रींगस से आगे मंडा मोड पर आना होगा।
मंडा मोड से आप वाहन को लेकर खाटूश्यामजी मंदिर की ओर जा सकेंगे।
केवल इसी रूट पर वाहनों को लाने ले जाने की अनुमति दी गई है।

15 से ज्यादा पार्किंग रहेगी
- मंदिर पहुंचने से 500 मीटर पहले ही वाहनों को रोक दिया जाएगा।
- मंदिर के आस-पास भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
- मंदिर कमेटी की ओर करीब 15 से अधिक पार्किंग बनाई गई है।
- इसके अलावा मंदिर से पहले निजी पार्किंग भी है। यहां पर भी वाहन पार्क कर सकते हैं।
- बस व अन्य बड़े वाहनों को अंदर जाने नहीं दिया जाएगा।

भीड़ बढ़ने पर जिगजैग होंगे शुरू
- खाटूश्यामजी प्रशासन ने मंदिर से पहले दो जिगजैग बनाए हैं।
- अभी मंदिर में बने हुए जिगजैग को ही शुरू किया गया है।
- जिगजैग से होकर बाबा के दरबार तक पहुंच सकेंगे।
- अधिक भीड़ बढ़ने पर पहले एक और फिर दूसरे जिगजैग को शुरू किया जाएगा।
- इससे पहले जिगजैग से छह किमी और दूसरे से दस किमी का दायरा बढ़ जाएगा।












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