Karwa Chauth 2022 : पाक में फंसा राजस्थान की धाई कंवर का 'चांद', 2 बच्चे भी बॉर्डर पार, 2 रह गए इधर
Karwa Chauth Story Rajasthan : आज देशभर में करवा चौथ पर्व मनाया जा रहा है। पति की लंबी उम्र की कामना के लिए सुहागिन महिलाएं दिनभर उपवास पर हैं। शाम को अपने चांद का दीदार करेंगी और उसके बाद खाना खाएंगी। करवा चौथ 2022 के मौके पर जानिए एक ऐसी महिला की पीड़ा जिसका चांद (पति) पाकिस्तान में फंसा हुआ है। उसकी सकुशल वतन वापसी के सारे जतन किए जा चुके हैं, मगर अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।

बाड़मेर जिला मुख्यालय के इंद्रानगर की रहने वाली धाई कंवर
हम बात कर रहे हैं कि भारत पाकिस्तान पर बसे राजस्थान के बाड़मेर जिला मुख्यालय के इंद्रानगर की रहने वाली धाई कंवर की। धाई कंवर साल 2022 का करवा चौथ भी बिना पति के मना रही है। पति सवाई सिंह पाकिस्तान में फंसे हुए हैं। यही नहीं बल्कि धाई के दो बेटे भी पाकिस्तान में हैं जबकि दो बेटे उसके पास राजस्थान में।

पाकिस्तान से रोटी-बेटी के संबंध
बता दें कि राजस्थान में बाड़मेर के लोगों के पाकिस्तान से रोटी-बेटी के संबंध रहे हैं। आज भी बाड़मेर के कई परिवार पाकिस्तान में शादी करते हैं। दोनों मुल्कों की सरहद पार बसे लोगों के लिए भारत पाकिस्तान के बीच थार एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन होता था, जो भगत की कोठी जोधपुर से पाकिस्तान के कराची को जोड़ती थी।

भारत पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय ट्रेन सेवा थार एक्सप्रेस
14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले के बाद भारत पाकिस्तान के रिश्तों में कड़वाहट बढ़ गई थी। फिर मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को खत्म कर दिया था। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी बांट दिया था। अब दोनों ही केंद्र शासित प्रदेश हैं। इसके बाद से भारत पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय ट्रेन सेवा थार एक्सप्रेस का संचालन बंद है।

अब वे वीजा लेकर भारत आएंगे
इधर, बाड़मेर के सवाई सिंह जुलाई 2019 में दो बेटों को साथ लेकर अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए गए थे। फिर 16 अगस्त 2019 से भारत पाकिस्तान के बीच थार एक्सप्रेस का संचालन बंद कर दिया गया। इससे सवाई सिंह और उसके बच्चे पाकिस्तान में फंस गए। अब वे वीजा लेकर भारत आएंगे।

सिंदूर सरहद के उस पार रह गया तो मेहंदी का रंग इस पार
धाई कंवर के पति सवाई सिंह बाड़मेर में पटवारी के पद से रिटायर हो चुके हैं। इनके परिवार की पाकिस्तान में रिश्तेदारी है। पति वहां फंसने के कारण करवा चौथ पर ऐसा लग रहा है कि मांग का सिंदूर सरहद के उस पार रह गया तो मेहंदी का रंग इस पार।

सकुशल वतन वापसी के प्रयास किए जा रहे
मीडिया से बातचीत में पाक विस्थापित संघ जिलाध्यक्ष नरपत सिंह धारा का कहना है कि सवाई सिंह की सकुशल वतन वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं, मगर बीते तीन साल से कोई सफलता नहीं मिल पाई है। पति पाकिस्तान में फंसा होने कारण धाई कंवर करवा चौथ पर काफी मायूस हैं।












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