Kanthi Par Mor bole: सोशल मीडिया पर वायरल बच्ची Sawroop कौन है, कंठी पर मोर बोले गाने का अर्थ?
Kanthi Par Mor bole: सोशल मीडिया पर कंठी पर मोर बोले पण आ बनड़ी ना बोले... गाना तेजी से वायरल हो रहा है। माता-पिता के साथ गाना गा रही वायरल बच्ची का नाम सवरूप है। यह बाड़मेर जिले के गांव कोरना की रहने वाली है।

Who is Kanthi Par Mor Bole Viral Girl Sawroop? कंठी पर मोर बोले पण आ बनड़ी नी बोले... गाने से कानों में मिश्री सी घोलती यह बच्ची सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। लोग इसकी सुरीली आवाज की जमकर तारीफ कर रहे हैं। साथ ही बच्ची को गाने का कोई बड़ा मंच उपलब्ध करवाने व इसकी प्रतिभा और निखारने की पैरवी कर रहे हैं।
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कंठी पर मोर बोले...वायरल गर्ल का जीवन परिचय
बता दें कि 'कंठी पर मोर बोले पण आ बनड़ी ना बोले' गाना गाकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस छोटी सी बच्ची का नाम सवरूप है। यह राजस्थान के बाड़मेर जिले के कल्याणपुर तहसील के गांव कोरना की रहने वाली है। राजस्थान के लोकगीत गाना इनका पुस्तैनी काम है। सवरूप ढोली समाज से ताल्लुक रखती है। इनका परिवार वर्षों से भीलों के यहां कार्यक्रमों में गाता रहा है।

वायरल बच्ची सवरूप का परिवार
सवरूप के पिता का नाम मुलतान राम व माता का तम्मा देवी ढोणी उर्फ कमली है। वन इंडिया हिंदी से बातचीत में बातचीत में तम्मा देवी ने बताया कि उनकी बच्ची सवरूप तीन भाइयों की इकलौती बहन है। बेटे कृष्ण, गोपाल व रवि के बाद पैदा हुई सवरूप को गाने का बहुत शौक है। बचपन में ही उनके साथ कार्यक्रमों में जाती रही है। इसलिए बहुत सारे गाने उन्हीं से सुन सुनकर सीख गई। अब यह माता-पिता के साथ जुगलबंदी करने लगी है। कंठी पर मोर बोले...गाना होली के आस-पास गाया था, जो अब खूब वायरल हो रहा है।

बेहद गरीब परिवार से है सवरूप
देशभर में वायरल हो रही राजस्थान की इस बच्ची सवरूप का जन्म 9 अगस्त 2016 को हुआ। यह बेहद गरीब परिवार से है। रहने को पक्के घर तक नहीं है। अभी स्कूल भी नहीं जाती है। माता-पिता के साथ कार्येक्रमों में हिस्सा लेती है। मां तम्मा देवी ढोली कहती है कि बेटी सवरूप अभी छह साल की हुई है। इसलिए उसका अभी तक स्कूल में दाखिला नहीं करवाया। इस बार उसका भी स्कूल में नाम लिखवाया जाएगा। तीनों बेटे स्कूल जाते हैं।

विजय सिंह राठौड़ ने शुरू की मुहिम
वायरल गर्ल की आर्थिक मदद के लिए विजय सिंह राठौड़ ने सोशल मीडिया पर मुहिम शुरू की है। वन इंडिया हिंदी से बातचीत में विजय सिंह ने बताया कि वे कंठी पर मोर बोले वायरल गर्ल सवरूप के तहसील मुख्यालय कल्याण्पुर बाड़मेर के रहने वाले हैं। बिजनेस के सिलसिले में मुम्बई रहते हैं। जब उन्होंने सवरूप का कंठी पर मोर बोले गाना सुना तो दिल को छू गया। फिर जानकारी जुटाने पर पता चला कि सवरूप का परिवार गरीबी में जी रहा है। ऐसे में उनकी आर्थिक मदद के लिए सोशल मीडिया पर मुहिम शुरू की है।
कैसे करें सवरूप के परिवार की मदद?
कंठी पर मोर बोले पण आ बनड़ी ना बोले... गाने वाली बच्ची सवरूप के परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए विजय सिंह राठौड़ ने 𝗙𝗼𝗹𝗸 𝗠𝘂𝘀𝗶𝗰 𝗼𝗳 𝗥𝗮𝗷𝗮𝘀𝘁𝗵𝗮𝗻 के इंस्टाग्राम पर पूरी डिटेल शेयर की है। यहां पर 13 मार्च को सवरूप की मां तम्मा देवी ढोली के राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक खाते की जानकारी दी गई है। लोग इस परिवार की मदद को आगे आ भी रहे हैं।

गाना यहां रिकॉर्ड होने का दावा
कंठी पर मोर बोले पण आ बनड़ी ना बोले...गाना केएस स्टूडियो रामदेवरा बाड़मेर राजस्थान द्वारा रिकॉर्ड किए जाने का दावा किया जा रहा है। यूट्यूब चैनल 'केएस फिल्म स्टूडियो रामदेवरा' पर वीडियो 6 जून 2022 को अपलोड किया गया है। वीडियो थंबनेल फोटो पर लिखा है कि इसे सिंगर राजू खान ने गाया है। साथ वीडियो के डिस्क्रिप्शन में इसका कॉपीराइट होने की जानकारी दी गई है।

कमेंट में सिंगर राजू खान की तारीफ
वीडियो को यूट्यूब चैनल पर काफी पसंद किया जा रहा है। अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वीडियो वायरल हो रहा है। केएस फिल्म स्टूडियो रामदेवरा के वीडियो पर लोग कमेंट करके सिंगर राजू खान की तारीफ कर रहे हैं। कमेंट में ईश्वर सिंह राठौड़ लिखते हैं कि 'राजू खान राजपूती कलाकार जी ऐसे ही नए नए गाने लाते रहे। मां भवानी हमेशा साथ रहेगी।'

कंठी पर मोर बोले पर आ बनड़ी ना बोले...
कंठी पर मोर बोले पण आ बनड़ी ना बोले
बोलो तो आड़ घड़ादयो पर आ नाजु ना बोले
बन्नासा खिड़की खोले पर आ बनड़ी ना बोले
बनसा बतळावे बन्नीसा महलां म आवै
थे सुण लिज्यो साळी थारी जीजी री लाया बाळी
बाळी पर मोर बोले आ बनड़ी ना बोले
बोलो तो आड़ घड़ादयो पर आ नाजु ना बोले

कंठी पर मोर बोले का अर्थ क्या है?
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में सिंगर राजू खान ने बताया कि यह बन्ना-बन्नी का है। गाने का सार यह है कि बन्ना (दूल्हा) बनड़ी (दुल्हन) को शादी के बाद बात करने के लिए मना रहा है। वो कहता है कि गले में पहनने का आभूषण कंठी पर मोर छपवा दिए। फिर बनड़ी बात नहीं कर रही। अगर बात करें तो वह उसे आड़ (आभूषण) भी बनवाकर देगा। राजू खान के अनुसार उनके इलाके में शादी के बाद दुल्हन से पहली बार बात करने के लिए उसे नेग देकर मनाया जाता है।

कंठी पर मोर बोले गाना कैसे बना?
राजस्थान के बीकानेर जिले में कोलायत के पास गांव गोलयरी के रहने वाले सिंगर राजू खान कहते हैं कि जजमानों के घरों पर शादी-समारोह या अन्य आयोजनों में उनका परिवार लंबे समय से गाता रहा है। राजू के मामा पूने खान ने काफी समय पहले 'तनै आलू लादू मटर तू सब्जी बना दे जटर' गाना लिखा था। उसी की तर्ज पर आठ माह पहले मैंने 'कंठी पर मोर बोले पण आ बनड़ी ना बोले' गाना तैयार किया था, जो अब खूब वायरल हो रहा है। राजू खान राणा दमामी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। ये अपने गांव के करीब राजपूतों के 100 घरों में विशेष आयोजनों पर गाना गाते हैं।












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