Jat Andolan Rajasthan: 7 फरवरी से जाट करेंगे चक्का जाम, जानें भरतपुर-धौलपुर के जाट आरक्षण से वंचित क्यों?
Jat Andolan Rajasthan 2024: राजस्थान में भरतपुर-धौलपुर के जाटों का सब्र का बांध टूटने को है। जाट बीते 18 दिन से भरतपुर जिले के गांव जयचौली में महापड़ाव डाले हैं। अब 7 फरवरी 2024 से चक्का जाम का ऐलान किया है। 4 फरवरी की महापंचायत में यह फैसला लिया है।

राजस्थान के जाट राज्य सरकार की तर्ज पर केंद्र में की सरकारी नौकरियों में भी ओबीसी वर्ग में आरक्षण की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर बीते 17 जनवरी को भरतपुर जिले की उच्चैन तहसील के गांव जयचौली में रेल पटरियों के पास महापड़ाव शुरू किया था।
फिर 22 जनवरी 2024 को अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह होने के कारण तब तक शांतिपूर्ण आंदोलन चलाने का निर्णय लिया और फिर राजस्थान सरकार के साथ जाट नेताओं की वार्ता के दौर चले, जो बेनतीजा रहे।
अब ऐसे में जाटों ने एक बार फिर से हुंकार भरी है और अपने हक लिए चक्का जाम की तैयारी कर रहे हैं। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह ने 7 फरवरी को चक्का जाम का ऐलान किया है।
दरअसल, राजस्थान में भरतपुर और धौलपुर जिले के जाटों को छोड़कर शेष सभी जाटों को ओबीसी आरक्षण मिला है जबकि भरतपुर व धौलपुर के जाट राज्य में तो ओबीसी में हैं, मगर केंद्र में ओबीसी आरक्षण के दायरे में नहीं हैं।
इसके पीछे वजह यह है कि केंद्र मानता है कि धौलपुर व भरतपुर जिले के जाट राजपरिवार से हैं जबकि यहां के जाटों का कहना है कि यहां महाराजा सूरजमल राज परिवार से थे जबकि शेष जाट तो प्रजा है। ऐसे में इन्हें भी आरक्षण मिलना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भरतपुर के रहने वाले हैं। नई नई सरकार बनी है। लोकसभा चुनाव 2024 भी सामने हैं। ऐसे में दो जिलों की भाजपा से नाराजगी भारी पड़ सकती है। हालांकि भजन लाल शर्मा जाटों की मांग केंद्र तक पहुंचा रही है।
भरतपुर-धौलपुर के जाटों ने आरक्षण के लिए कब कब आंदोलन किए? कब केंद्र में भी आरक्षण मिला और कब समाप्त हुआ? यहां क्लिक करके पढ़ें पूरी कहानी












Click it and Unblock the Notifications