Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Jal Jeevan Mission Scam: राजस्थान से झारखंड तक ACB की बड़ी कार्रवाई, सुबह-सुबह 15 ठिकानों पर छापेमारी

राजस्थान के बहुचर्चित 'जल जीवन मिशन' (JJM) में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ा एक्शन लिया है।ACB ने मंगलवार सुबह डीआईजी रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में गठित एसआईटी (SIT) की टीम ने भ्रष्टाचार के साक्ष्यों को जुटाने के लिए जयपुर, दिल्ली, बाड़मेर, सीकर और जालौर सहित बिहार और झारखंड के 15 से अधिक ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है।

राजस्थान के बहुचर्चित 'जल जीवन मिशन' (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। DIG रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में गठित SIT ने भ्रष्टाचार के सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए 15 से अधिक ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

Breaking News

रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल के ठिकानों पर रेड

रिपोर्ट के अनुसार, ACB की इस कार्रवाई की सबसे बड़ी गाज पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) और सेवानिवृत्त IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल पर गिरी है। जांच एजेंसी को संदेह है कि करोड़ों रुपये के इस फर्जीवाड़े के तार सीधे सचिवालय के उच्च स्तर से जुड़े हुए थे। सुबह-सुबह टीमों ने उनके ठिकानों को घेरे में लेकर अहम दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स को खंगालना शुरू कर दिया है।

छापेमारी के साथ-साथ ACB ने इस केस में बड़ा एक्शन लेते हुए 9 प्रमुख लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए लोगों में केडी गुप्ता, सुशील शर्मा, डीके गौड़, महेंद्र सोनी, विशाल सक्सेना, दिनेश गोयल, शुभांशु दीक्षित, अरुण श्रीवास्तव और निरिल कुमार शामिल हैं।

इन सभी संदिग्धों को गुप्त स्थानों पर ले जाकर पूछताछ की जा रही है, जिससे इस घोटाले के मास्टरमाइंड्स का पर्दाफाश होने की संभावना है।

कैसे हुआ करोड़ों का खेल?

यह पूरा मामला पीएचईडी (PHED) विभाग के जरिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर हड़पने से जुड़ा है। इससे पहले भी ACB ने विभाग के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि इन अधिकारियों ने नियमों को दरकिनार कर पसंदीदा कंपनियों को ठेके दिए और सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगाई।

जिन अधिकारियों पर पहले FIR हुई थी:

  • 1. दिनेश गोयल: तत्कालीन मुख्य अभियंता (विशेष परियोजना)।
  • 2. महेंद्र प्रकाश सोनी: तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (सेवानिवृत्त)।
  • 3. सिद्धार्थ टांक: अधिशासी अभियंता (परियोजना खंड, मांडल)।

क्या है 900 करोड़ का जल जीवन मिशन घोटाला?

रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार की 'हर घर जल' योजना राजस्थान में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। इस घोटाले में ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी 'अनुभव प्रमाण पत्र' तैयार किए और 900 करोड़ से अधिक के टेंडर हासिल कर लिए। न केवल घटिया क्वालिटी के पाइपों का इस्तेमाल हुआ, बल्कि कई इलाकों में बिना पाइपलाइन बिछाए ही कागजों पर काम दिखाकर भुगतान उठा लिया गया। इसकी गंभीरता को देखते हुए अब ACB के साथ-साथ ED भी इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+