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Jaisalmer Water: ट्यूबवेल से पानी के बाद अब मालिक की जान पर बन आई, इंटरव्‍यू में बयां किया 'तबाही का दर्द'

Jaisalmer Water: 'मैं अभी अहमदाबाद में हूं। यहां हार्ट संबंधी तकलीफ का इलाज करवाने आया हूं। ठीक नहीं हुआ तो हार्ट का ऑपरेशन करवाना पड़ेगा। आज शाम को वापस जैसलमेर लौट जाऊंगा। राजस्‍थान के मोहनगढ़ में मेरे खेत में 28 दिसंबर 2024 को ट्यूबवेल खोदते समय जमीन फटने के बाद अथाह पानी, मिट्टी व गैस निकलने की घटना की वजह से करीब 1 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया। उसी की टेंशन में हार्ट संबंधी तकलीफ हो गई।' यह पीड़ा राजस्‍थान के जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ में ट्यूबवेल मालिक विक्रम सिंह भाटी की है।

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    ट्यूबवेल से पानी के बाद अब मालिक की जान पर बन आई, इंटरव्‍यू में बयां किया 'तबाही का दर्द'

    वनइंडिया हिंदी से बातचीत में विक्रम सिंह भाटी ने बताया कि उनके खेत में ट्यूबवेल खोदते समय समंदर का पानी निकलने की जो चौंकाने वाली घटना हुई, उसमें खुद का 40 से 50 लाख व बहन के पति तगसिंह का 60 से 70 लाख का नुकसान हुआ है। ट्यूबवेल में समाया ट्रक व बोरिंग मशीन तगसिंह की ही थी। जैसलमेर में पोकरण इलाके में रहने वाले तगसिंह के पास आय का एकमात्र जरिया ट्रक व बोरिंग मशीन ही थी। ट्रक व बोरिंग मशीन जमीन में दफन हो गए हैं। उन्‍हें निकालने के लिए प्रशासन ने मना भी किया है।

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    Jaisalmer water incident

    Jaisalmer Water News: जैसलमेर बोरवेल पानी हादसे के बाद विक्रम सिंह हार्ट की जांच करवाने अहमदाबाद पहुंचे

    जैसलमेर में बोरवेल खोदते जमीन से अचानक जलधारा फूटने, ट्रक और मशीन दफन हो जाने से विक्रम सिंह भाटी व तगसिंह के परिवार को हुए करीब एक करोड़ रुपए के नुकसान की टेंशन विक्रम सिंह को हार्ट संबंधी तकलीफ होने लगी। ऐसे में विक्रम सिंह भाटी अपने पड़ोसी पूर्णाराम व मुक्‍तेश्‍वर कुमार को साथ लेकर गुजरात के अहमदाबाद पहुंचे। वहां अपने एक रिश्‍तेदार को साथ जाकर हृदय रोग विशेषज्ञ को दिखाया है।

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    Jaisalmer water incident

    विक्रम सिंह भाटी ने बताया कि 28 दिसंबर 2024 को खेत में नलकूप की घटना के दो-तीन दिन बाद ही चिंता करते-करते अचानक हार्ट संबंधी तकलीफ शुरू हो गई थी। अब अहमदाबाद के अस्‍पताल में 9 जनवरी 2025 को दिनभर हार्ट संबंधी तमाम जांचें हुईं हैं। डॉक्‍टर ने 15 दिन की दवा देकर घर पर रेस्‍ट करने व चिंतामुक्‍त रहने को कहा है। आज शाम जैसलमेर में अपने घर आने के बाद विक्रम सिंह भाटी 15 दिन की दवा का कोर्स लेंगे। अगर आराम नहीं मिला तो डॉक्‍टर ने हार्ट का ऑपरेशन करवाने को कहा है।

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    Jaisalmer water incident

    Jaisalmer Water Video: 28 दिसंबर को 5 बजे ऑपरेटर ने जगाया बोला-'साहब ट्यूबवेल में पानी आ गया'

    विक्रम सिंह भाटी कहते हैं कि हमारे परिवार के पास 100 बीघा जमीन है। मेरे हिस्‍से एक मुरब्बा आता है, जिसमें ट्यूबवेल खुदवाया जा रहा था। ट्यूबवेल खोदने का काम जीजा तगसिंह को दिया गया था। ट्यूबवेल की करीब 730 फीट की खुदाई की जा चुकी थी। ट्रक पर लदी 22 टन की बोरिग मशीन 24 घंटे उस काम में लगी हुई थी। संचालन के लिए ऑपरेटर लगे हुए थे। 28 दिसंबर 2024 को मैं सोया हुआ था। करीब पांच बजे बोरिंग मशीन ऑपरेटर दौड़ा-दौड़ा आया और जगाकर बोला-'साहब ट्यूबवेल से मीठा पानी आ गया। पाइप वापस बाहर निकाले जा रहे थे। तब पानी आया है। सात पाइप अंदर ही रह गए।'

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    Jaisalmer Water Photo: देखते ही देखते पूरा विक्रम सिंह भाटी का पूरा खेत बन गया तालाब

    विक्रम सिंह भाटी ने बताया कि ट्यूबवेल से मीठा पानी आने की खुशी में वहां पहुंचा तो देखा कि पानी का फव्‍वारा फूटा है। पानी भी खारा था। जमीन से तेज आवाज और ऊंची-ऊंची उठती देखीं। पानी बाहर आए ही जा रहा था। रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था। ऑपरेटर ट्रक व बोरिंग मशीन को ट्यूबवेल के पास मौके पर ही छोड़कर सुरक्षित जगह पर आ गए। उन्‍हें अपने कपड़े, मोबाइल व अन्‍य उपकरण उठाने तक का समय नहीं मिला। देखते ही देखते पूरा खेत तालाब बन गया।

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    jaisalmer borewell ghanta: मोहनगढ़ में विक्रम भाटी के खेत में ट्यूबवेल से 50 घंटे बाद थमा पानी तो दिखा खौफनाक मंजर

    विक्रम सिंह ने बताया कि ट्यूबवेल से अचानक अथाह पानी देख किसी अनहोनी की आशंका में सबसे पहले हल्‍का पटवारी राकेश कुमार को सूचना दी। पुलिस थाने में भी इत्‍तला की। फिर उप तहसीलदार अमित कुमार ने फोन करके स्थिति की जानकारी ली। 50 घंटे बाद पानी, मिट्टी व गैस निकलने का सिलसिला अपने आप थम गया, मगर तब तक चारों तरफ पानी ही पानी और मिट्टी की चार-चार फीट तक की परत जम गई थी। ट्यूबवेल का 14 का इंच गड्ढा करीब 30 फीट चौड़ा हो गया और ट्रक व बोरिंग मशीन उसी में समा गए थे।

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    jaisalmer Tubewell News: जमीन में ट्यूबवेल खोदते समय पानी आने से विक्रम सिंह भाटी के खेत में कितना नुकसान हुआ?

    जमीन में ट्यूबवेल खोदते समय पानी आने से जो नुकसान हुआ उसकी जैसमलेर राजस्‍व विभाग ने रिपोर्ट भी तैयार की है। रिपोर्ट में लिखा है कि टीम आज 2 जनवरी 2025 को पंचायत मुख्‍यालय कालूवाला के चक 27 बीडी में मौके पर पहुंची। जहां ट्यूबवेल के दौरान अचानक प्रेशर से पानी आने के कारण प्रार्थी विक्रम सिंह भाटी पुत्र गोरधन सिंह मोहनगढ़ जैसलमेर के खेत में नुकसान हुआ है, जो इस प्रकार है।

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    विक्रम सिंह के पूरे खेत में इस समय जीरा की फसल खड़ी थी, जो पानी आने की वजह पूर्ण रूप से नष्‍ट हो गई। 3 अन्‍य छोटे ट्यूबवेल, मोटर, 200 फव्‍वारा पाइप, पानी की डिग्‍गी, सोलर प्‍लेट, कच्‍चा झोपड़ा पूर्ण रूप से पानी में समा गए। दूसरे झोपड़ा में रखे यूरिया के कट्टे, डीएपी के कट्टे, कीटनाशक, मूंगफली का चारा व गंधक आदि भी नष्‍ट हो गए।

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    ओएनजीसी की टीम ने जांच के बाद ट्रक व बोरिंग मशीन को बाहर निकालने से किया मना

    विक्रम सिंह ने बताया कि ट्यूबवेल से पानी थमने के बाद जैसलमेर जिला कलेक्‍टर प्रताप सिंह नाथावत व गुजरात के बड़ोदा से ओएनजीसी की टीम मौके पर आई। टीम ने यहां जांच की और रिपोर्ट जैसलमेर जिला कलेक्‍टर को सौंपी, जिसमें कहा गया है कि पानी व गैस का रिसाव ट्रक और बोरिंग मशीन के प्रेशर की वजह से बंद हुआ है। ऐसे में अभी ट्रक व मशीन को बाहर निकलना किसी नये खतरे को न्‍योता देना जैसा है।

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    क्‍या जैसलमेर में 25 साल करोड़ पुराने टेथिस सागर का 60 लाख साल पुराना पानी निकला?

    विक्रम सिंह भाटी के खेत में नलकूप खुदाई के दौरान निकले पानी की जांच के लिए राजस्थान भूजल विभाग के वरिष्ठ जल-भूविज्ञानी डॉ. नारायण दास इनाखिया भी आए, जो शुरुआती जांच में इस नतीजे पर पहुंचे कि यह खारा पानी किसी जमाने में जैसलमेर में बहने वाली सरस्‍वती नदी का नहीं बल्कि 25 करोड़ साल पहले मौजूद टेथिस सागर का हो सकता है। पानी करीब 60 लाख साल पुराना है। इसका टीडीएस भी 5000 के आस-पास है।

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