Jaisalmer Water: जैसलमेर में ट्रक की 'जल समाधि', अब फिर आएगी प्रलय, ONGC रिपोर्ट पढ़कर DM भी चौंक गए
Jaisalmer Water: राजस्थान के जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ इलाके में 27 BD चक इलाके में किसान विक्रम सिंह भाटी के खेत में ट्यूबवेल की 850 तक गहराई में खुदाई के दौरान ट्रक व मशीन ने 'जल समाधि' ले ली। 28 दिसंबर 2024 को जैसलमेर की इस जमीन से अथाह पानी व गैस निकलने के बाद अब खतरे की एक और घंटी बजने लगी है। अब अगर ट्यूबवेल के खड्डे में समाए ट्रक और मशीन को निकालने की कोशिश की तो फिर कोई प्रलय आ सकती है।
दरअसल, जैसलमेर में बीजेपी के मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह भाटी के खेत में 28 दिसंबर 2024 को ट्यूबवेल की खुदाई के दौरान अचानक गैस और पानी का विस्फोट हुआ। जमीन से 72 घंटे तक पानी बाहर आता रहा। बाद में पानी अपने आप बंद हो गया। आस-पास के खेत तालाब बन गए। यह पानी पीने योग्य नहीं है। इसमें काफी कीचड़ है।

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Jaisalmer Water: विक्रम सिंह खेत में पहुंचकर ओएनजीसी टीम ने की जांच
जैसलमेर के इस खेत में ट्यूबवेल खोदने में लगा ट्रक और 22 टन की बोरिंग मशीन तीव्र दबाव के कारण जमीन के नीचे दब गई। जैसलमेर की इस घटना के बाद, तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) की संकट प्रबंधन टीम को मौके पर बुलाया गया। ओएनजीसी टीन ने 31 दिसंबर 2025 को जैसलमेर के मोहनगढ़ पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
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Jaisalmer Water: ट्रक व मशीन के वजन के दबाव से ही भूगर्भ से पानी व गैस का रिसाव बंद हुआ
मीडिया की खबरों के अनुसार ओएनजीसी टीम ने जैसलमेर पानी वाली घटना की पूरी जांच रिपोर्ट जैसलमेर जिला कलेक्टर आईएएस प्रताप सिंह नाथावत को सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्यूबवेल में अथाह पानी निकलने से बने खड्डे में समाए ट्रक व मशीनरी को फिर बाहर निकालना किसी बड़े खतरे का न्योता देना जैसा है। क्या पता ट्रक व मशीन के वजन के दबाव से ही भूगर्भ से पानी व गैस का रिसाव बंद हुआ है। अब इन्हें बाहर निकाला गया तो दबाव में पानी और कीचड़ का फिर से निकलना शुरू हो सकता है।
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Jaisalmer Water: जैसलमेर जिला प्रशासन लेना निर्णय-ट्रक बाहर निकालें या नहीं?
जैसलमेर पानी की घटना की ओएनजीसी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अब जैसलमेर जिला प्रशासन अधिकारियों के साथ बैठक करके इस बात पर मंथन करेगा कि ट्रक व मशीन को बाहर निकाला जाए या नहीं? ओएनजीसी की संकट प्रबंधन टीम ने फिलहाल दबे हुए उपकरणों को हटाने का प्रयास न करने की सख्त सलाह दी है। उनके निरीक्षण से पता चला है कि पानी और गैस रिसाव का बंद होना ट्रक और भारी मशीनरी द्वारा डाले गए दबाव के कारण हो सकता है। इसलिए, उन्हें निकालने से पानी और कीचड़ का रिसाव फिर से शुरू हो सकता है, जिससे काफी खतरा पैदा हो सकता है। यह सलाह स्थिति की भयावह प्रकृति और आगे बढ़ने के लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
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Jaisalmer Water: भूमिगत हुई 50 लाख की मशीन
खेत मालिक विक्रम सिंह भाटी ने बताया कि सहायक जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) ने 3 जनवरी 2025 को उनसे संपर्क किया था। एडीएम ने विक्रम सिंह भाटी आगामी को तीन महीने तक पानी व गैस निकलने वाली जगह से दूर रहने का निर्देश दिया। उन्हें बताया कि फिलहाल ट्रक और मशीनरी भूमिगत रहेंगी, जिससे किसी भी निष्कर्षण प्रयास में शामिल जोखिमों पर प्रकाश डाला जा सके। विक्रम सिंह भाटी के अनुसार बोरिंग मशीन उनके एक रिश्तेदार की है, जिसकी कीमत करीब 50 से 60 लाख रुपये के बीच है।












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