Jaisalmer Golden Fort: नए साल में घूमने के लिए गोल्डन फोर्ट है सस्ता विकल्प, किले में छुपे हैं कई राज़!
Jaisalmer Golden Fort Facts: राजस्थान के जैसलमेर में हर साल लाखों पर्यटक पहुंचते हैं। थार रेगिस्तान के अलावा यहां का सोनार किला या स्वर्ण दुर्ग भी खास आकर्षण है। यह किला भारत के सबसे जीवंत और ऐतिहासिक किलों में शामिल है। पीले बलुआ पत्थरों से बने इस किले पर जब सूरज की रोशनी पड़ती है, तो किला सोने की तरह चमकता है। यही वजह है कि इसे सोनार किला भी कहा जाता है। इस किले में आज भी कुछ लोग रहते हैं और कुछ स्थानीय अपनी दुकानें चलाते हैं।
साल 1156 में रावल जैसल ने यह किला बनाया था। बलुआ पत्थरों से बना यह किला आज भी लोगों के रहने, पूजा-पाठ और व्यापार का केंद्र है। इस किले को लेकर कई तरह के लोक विश्वास और प्रचलित मान्यताएं भी हैं। कहा जाता है कि इसके एक हिस्से से रहस्यमयी आवाजें आती हैं और परछाइयां घूमती दिखती हैं।

Jaisalmer Golden Fort: किले में परछाई घूमने का दावा
- सोनार किला पूरी तरह भूतिया किला नहीं माना जाता है। इसके पुराने हिस्सों से जुड़े रहस्यमयी किस्से और अनुभवों का दावा किया जाता है।
- पर्यटकों और स्थानीय लोगों का दावा है कि किले के कुछ सुनसान गलियारों, बंद हवेलियों और पुराने महलों में अजीब आवाजें और पैरों की आवाज आती है। किले में परछाइयों के घूमने का भी दावा किया जाता है।
- लोककथाओं के अनुसार, सदियों पहले हुए युद्ध, राजाओं और राजपरिवार के लोगों के छल और विश्वासघात की घटनाओं के निशान आज भी मौजूद हैं।
- ऐसी मान्यता है कि युद्ध और धोखों से जुड़ी आत्माएं आज भी किले के कुछ हिस्सों में भटकती हैं। किले की पुरानी इमारतों में हवा के साथ आवाजें आती हैं। कभी-कभी अचानक तापमान बदलता है।
- हालांकि इतिहासकार और विशेषज्ञ इन घटनाओं को प्राकृतिक कारणों, वास्तुकला और मनोवैज्ञानिक प्रभावों से जोड़ते हैं।
Golden Fort Facts: दुनिया के चुनिंदा लिविंग फोर्ट में से एक
सोनार किले की एक और खासियत है कि यह दुनिया के गिने-चुने "लिविंग फोर्ट्स" में से एक है। किले में भी आज भी सैकड़ों परिवार रहते हैं। दिन में यह किला पर्यटकों से गुलजार रहता है। किले के एक बड़े हिस्से में स्थानीय लोगों की दुकानें भी हैं। हर साल लाखों की संख्या में यहां सैलानी देश और विदेशों से पहुंचते हैं। यह किला राजपूत और भारतीय वास्तु का उम्दा उदाहरण है। किले के अंदर कई हवेलियां, जैन मंदिर, राजमहल और संकरी गलियां हैं।
Jaisalmer Golden Fort: घूमने का समय और टाइमिंग
- जैसलमेर किला आम तौर पर रोज़ाना सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 PM तक खुला रहता है। खास मौकों पर समय में बदलाव होता है, लेकिन उसकी पूर्व सूचना दी जाती है।
- जैसलमेर के सोनार किले में प्रवेश टिकट: ₹50 प्रति व्यक्ति है। कैमरा शुल्क (फोटोग्राफी): ₹50 और वीडियो कैमरा: ₹100 है। विदेशी पर्यटकों के लिए प्रवेश टिकट: ₹250 प्रति व्यक्ति है। कैमरा शुल्क सबके लिए एक समान है।
- जैसलमेर घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च का महीना सबसे अच्छा माना जाता है। बारिश के मौसम में भी जा सकते हैं, लेकिन उन दिनों गर्मी काफी ज्यादा होती है।












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