Jaisalmer Bus Accident Reason: चलती AC बस बनी आग का गोला, 15 झुलसे-10 की मौत की आशंका, बच्चों ने लगाई छलांग!
Jaisalmer Bus Accident: राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर मंगलवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक AC स्लीपर बस अचानक आग का गोला बन गई। बस में सवार 57 यात्रियों में से 15 के गंभीररूप से झुलसने की खबर सामने आई है, जिनमें 3 मासूम बच्चे और 4 महिलाएं शामिल हैं। आग की लपटों से घिरे यात्रियों ने जान बचाने के लिए चलती बस से छलांग लगा दी।
नगर परिषद के असिस्टेंट फायर ऑफिसर कृष्णपाल सिंह राठौड़ के मुताबिक, 10-12 लोगों की जलने से मौत की आशंका है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई मृतक की पुष्टि नहीं हुई है। कैसे हुआ हादसा?

Jaisalmer Bus Accident Reason: कैसे हुआ हादसा? क्या है वजह?
घटना जैसलमेर से करीब 20 किलोमीटर दूर थईयात गांव के पास दोपहर 3:30 बजे हुई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बस से उठती काली धुएं की लंबी लकीर और यात्रियों के चीखने की आवाजें साफ दिख रही हैं। आग इतनी तेज थी कि बस का पिछला हिस्सा कुछ ही मिनटों में राख हो गया। राहगीरों और ग्रामीणों ने फौरन राहत कार्य शुरू किया, जिससे कई जिंदगियां बच सकीं। हादसे का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
Jaisalmer Bus Accident Timeline: कैसे बनी बस आग का शिकार?
- दोपहर 3 बजे रवानगी: बस रोजाना की तरह जैसलमेर के बस स्टैंड से जोधपुर के लिए रवाना हुई। इसमें ज्यादातर परिवार, महिलाएं और बच्चे सवार थे, जो छुट्टियों या रोजमर्रा के काम के सिलसिले में जा रहे थे।
- 3:20 बजे संकट: थईयात गांव के पास पहुंचते ही बस के इंजन और बैटरी के पास से धुआं निकलने लगा। ड्राइवर ने तुरंत बस रोकी, लेकिन तब तक शॉर्ट सर्किट से चिंगारी फैल चुकी थी।
- भीषण आग: देखते ही देखते आग ने पूरी बस को लपेट लिया। यात्रियों ने दरवाजे-खिड़कियां तोड़कर बाहर कूदना शुरू कर दिया। बच्चों ने मां-बाप की गोद से झूलते हुए छलांग लगाई, जिससे कई घायल हुए।
- राहत का सफर: सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, पुलिस और दमकल टीम मौके पर पहुंची। आर्मी के जवान भी नजदीकी मिलिट्री स्टेशन से मदद के लिए आए और आग बुझाने में जुट गए। तीन एंबुलेंसों में घायलों को जैसलमेर के जवाहिर हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां से गंभीर मरीजों को जोधपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।
बस का 80% हिस्सा जल गया, 70% तक झुलसे यात्री
फायर ऑफिसर राठौड़ ने बताया, 'आग की तीव्रता इतनी थी कि बस का 80% हिस्सा जल गया। धुआं इतना घना था कि ऊंचाई पर बादल सा नजर आ रहा था। हमने 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।' आर्मी ने जली हुई बस को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि शवों और सबूतों का सही आकलन हो सके।
हादसे में झुलसे 15 यात्रियों में से ज्यादातर की हालत नाजुक है। पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव ने बताया, 'अधिकांश यात्री 70% तक झुलसे हैं। जोधपुर के एमजी हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है। कुछ बच्चों और महिलाओं की हालत बेहद गंभीर है।'
Jaisalmer Bus Accident Injured List: कुछ नामित घायलों में शामिल हैं:
- ओमाराम भिल (30 वर्ष, लाठी निवासी): गंभीर जलन, जोधपुर रेफर।
- इमामत (30 वर्ष) और उनका बेटा यूनुस: मां-बेटे दोनों बुरी तरह झुलेसे, वेंटिलेटर पर।
- अन्य: 3 बच्चे (उम्र 5-10 वर्ष) और 3 महिलाएं, जिनकी पहचान अभी पूरी नहीं हुई।
जवाहिर हॉस्पिटल प्रबंधन के अनुसार, सभी 15 घायलों को जोधपुर शिफ्ट किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले 24 घंटे क्रिटिकल हैं।
परिवारों का दर्द: '15-20 लाशें हो सकती हैं'
घटना स्थल पर पहुंचे एक प्रत्यक्षदर्शी अल्ला बख्श ने बताया, 'हमारे परिवार के कई सदस्य बस में सवार थे। सूचना मिलते ही दौड़े चले आए। जली हुई बस को आर्मी ने ले लिया है, लेकिन अंदर कितने लोग फंसे हैं, इसका सही अंदाजा नहीं। कोई 15-20 लाशें होने की बात कह रहा है। हम अस्पतालों में जानकारी ले रहे हैं।' कई परिवार वाले रो-रोकर बिलख रहे हैं, जबकि राहगीरों ने घायलों को कंधों पर उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया।
Jaisalmer Bus Accident Helpline: प्रशासन की प्रतिक्रिया: हेल्पलाइन नंबर जारी, केंद्रीय स्तर पर अलर्ट
जैसलमेर जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। प्रभावित परिवार इन नंबर्स पर संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं:-
- - 9414801400
- - 8003101400
- - 02992-252201
- - 02992-255055
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को मामले की जानकारी दे दी गई है। शेखावत ने ट्वीट कर कहा, 'जैसलमेर हादसे में घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना। केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी।' गहलोत ने राज्य सरकार से त्वरित राहत और जांच की मांग की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) ने भी जिला प्रशासन को तुरंत सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
कारण और सबक: शॉर्ट सर्किट से सबक, सुरक्षा पर सवाल
प्रारंभिक जांच में आग का कारण बस के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। बस पुरानी थी और मेंटेनेंस की कमी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि AC बसों में वायरिंग की समस्या आम है, खासकर गर्मी के मौसम में। इस हादसे ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTO अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है, और दोषी पाए जाने पर बस ऑपरेटर पर कार्रवाई होगी।
जैसलमेर बस हादसा राजस्थान के सड़क परिवहन की लापरवाही को उजागर करता है। ग्रामीणों और आर्मी की तत्परता से कई जिंदगियां बचीं, लेकिन 10 संभावित मौतों का साया मंडरा रहा है। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना के साथ, सरकार से मांग है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। अपडेट्स के लिए बने रहें...
(स्रोत: स्थानीय प्रशासन, मीडिया रिपोर्ट्स)












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