Expressway: जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे आज से शुरू, 10 दिन ट्रायल, फिर टोल लागू, 146 CCTV कैमरों से निगरानी
Jaipur-Bandikui Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला जयपुर जिले का पहला हाईटेक एक्सप्रेसवे -जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे (NE-4C)- सोमवार सुबह 8 बजे से यातायात के लिए खोल दिया गया है। पहले 10 दिनों तक इसका ट्रायल किया जाएगा, जिसके दौरान संभावित तकनीकी या संचालन से जुड़ी खामियों की पहचान की जाएगी। ट्रायल सफल रहने के बाद टोल शुल्क निर्धारित कर वसूली शुरू कर दी जाएगी।
एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ ही जयपुर से दौसा के बीच करीब 40 प्रतिशत यातायात इस नए मार्ग पर डायवर्ट हो जाएगा, जिससे इस रूट पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और सफर सुगम होगा। 67 किलोमीटर लंबा बांदीकुई एक्सप्रेसवे जयपुर-दिल्ली यात्रा के समय को लगभग 3 घंटे तक कम कर देगा, जिससे भीड़भाड़ कम होगी और माल ढुलाई में तेजी आएगी। इसका उद्देश्य पहुंच में सुधार और व्यवसायों को आकर्षित करके क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है।

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दो चरणों में खुलेंगे क्लोवरलीफ और इंटरचेंज
रविवार को बैरिकेड्स हटाने और सफाई कार्य में तेजी देखी गई। योजना के अनुसार, एक सप्ताह के ट्रायल के बाद सभी 6 स्थानों - जिसमें दो क्लोवरलीफ और चार इंटरचेंज शामिल हैं - पर टोल वसूली शुरू की जाएगी।
प्रथम चरण में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के क्लोवरलीफ से बगराना क्लोवरलीफ तक दिल्ली-जयपुर यातायात को खोला जा रहा है। इसके बाद, दूसरे चरण में शेष चार इंटरचेंज शुरू किए जाएंगे। इस संबंध में शुक्रवार को NHAI अधिकारियों की बैठक हुई थी, जिसमें सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद एक्सप्रेसवे को चालू करने का निर्णय लिया गया।
स्पीड लिमिट और वाहन प्रतिबंध
कारों के लिए अधिकतम गति: 120 किमी/घंटा
बस व ट्रकों के लिए गति सीमा: 80 किमी/घंटा
दुपहिया वाहन, ट्रैक्टर, ऑटो और जुगाड़ वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।
146 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, रुकना मना
दौसा-मनोहरपुर इंटरचेंज कंट्रोल रूम के इंचार्ज बिजेंद्र मलिक ने बताया कि एक्सप्रेसवे पूरी तरह 146 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा, जो हर किलोमीटर पर दो की संख्या में लगाए गए हैं। ये कैमरे 360 डिग्री घूम सकते हैं।
सड़क पर किसी वाहन के रुकने पर सेंसर सक्रिय हो जाएंगे, और सायरन बजाकर चेतावनी दी जाएगी। हादसा होने पर कंट्रोल रूम को तुरंत सूचना मिल जाएगी।
एक्सप्रेसवे पर उल्टी दिशा में आवाजाही से खतरा
इंटरचेंज के आसपास के क्षेत्रों में चोर रास्तों के जरिए कुछ वाहन (चौपहिया और दुपहिया) उल्टी दिशा में आवाजाही कर रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। फिलहाल इन वाहनों को रोकने की कोई व्यवस्था नहीं है।
हरियाली और पर्यावरण का भी ध्यान
एक्सप्रेसवे के दोनों ओर और तीनों क्लोवरलीफ पर ग्रीन कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इसके तहत नीम, पीपल, शीशम और करंज के 1 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
टोल प्रणाली पूरी तरह ऑटोमैटिक
टोल बूथ का संचालन पूरी तरह ऑटोमैटिक होगा। आगरा रोड स्थित बगराना क्लोवरलीफ पर चढ़ते ही वाहन की कंप्यूटर में फोटो एंट्री होगी, और जिस टोल से वाहन उतरेगा वहां का शुल्क फास्टैग से कटेगा। फास्टैग नहीं होने पर दोगुना शुल्क लिया जाएगा। जयपुर से दिल्ली की यात्रा में टोल केवल बगराना व गुरुग्राम में कटेगा।
दक्षिण रिंग रोड से आने-जाने वालों को राहत
दक्षिण रिंग रोड और एक्सप्रेसवे के टोल बूथों को आपस में जोड़ा गया है। यदि कोई वाहन दक्षिण रिंग रोड से आकर बगराना क्लोवरलीफ पर उतरता है, तो उससे कोई अतिरिक्त टोल नहीं लिया जाएगा। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि आगरा रोड पर पहले ही टोल वसूला जा चुका होता है, और एक ही दूरी पर दो बार शुल्क नहीं लिया जा सकता।












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