इटली के जोड़े ने जैसलमेर में भारतीय पंरपरा से रचाई शादी, होटल से बारात पैदल ही रेस्तरां पहुंची बारात
जैसलमेर, 29 सितम्बर। राजस्थान में भारत पाक सीमा पर स्थित स्वर्णनगरी जैसलमेर एक विदेशी जोड़े को इस कदर रास आई कि उन्होंने यहां पर बुधवार रात को शादी रचा डाली और वो भारतीय रीति रिवाज से। बारात एक होटल से निकलकर पैदल ही रेस्तरां पहुंची। वहां पर इस जोड़े ने हिंदू परम्परा से शादी की। सात फेरे लिए। मांग भरी। सात जन्मों तक साथ निभाने के वचन लिए। इस शादी के साक्षी जैसलमेर शहर के सैकड़ों लोग बने और वर वधू को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया।

बता दें कि दूल्हा मतिया पशुओं से बहुत लगाव रखते हैं, इसलिए अपनी शादी में दूल्हा बनने के बाद घोड़े पर नहीं बैठे। इसलिए वे बारात के साथ पैदल ही विवाह स्थल पहुंचे। होटल को दूल्हा घर और रेस्तरां दुल्हन के धर्म भाई के घर के रूप में सजाया गया था। रेस्तरां में लोगों ने बारात का जोरदार स्वागत किया। इटली के जोड़े की शादी में दुल्हन के धर्म भाई अशरफ अली और योगेश पुरोहित ने कन्यादान की रस्म निभाई।
मीडिया से बातचीत में दूल्हे मतिया एस्पोसितो बोले कि उन्होंने भारतीय शादियों के बारे में खूब सुना है। यहां शादी धूमधाम से मनाई जाती है। हिंदू रीति रिवाज से होने वाली शादियां तो हर किसी के लिए यादगार होती है। इसलिए हम दोनों ने राजस्थान की पर्यटन नगरी जैसलमेर में हमेशा हमेशा के लिए एक दूसरे के हो जाने का फैसला लिया और यहां आकर शादी की है।
दुल्हन कविशा उर्फ एलिन सोफिया मेडेलीन बोमग्रेन ने कहा कि यह दिन उसकी जिंदगी का सबसे यादगार है। इसे में जिंदगी भर नहीं भूल सकूंगी। भारतीय रीति रिवाज से दुल्हन बनना। सात फेरे लेने। पंडितों मंत्रोचार के बीच दोनों सात जन्म साथ निभाने की कसमें खाना और मांग भरना जैसी रस्में अच्छी लगी।
बता दें कि कविशा व मतिया की शादी में पूर्व प्रधान और कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद के भाई अमरदीन फकीर और कांग्रेस नेता मेघराज माली समेत अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए। बारात का स्वागत नवनियुक्त लोकपाल योगेश पुरोहित ने किया। बारातियों ने लोक गीतों की धुन पर जमकर ठुमके लगाए।












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