India Pakistan War: पाकिस्‍तान के निशाने पर क्‍यों आए राजस्थान के नाल, फलोदी व उत्तर लाई कस्‍बे?

India Pakistan War: ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्‍तान ने 7-8 मई की रात ड्रोन और मिसाइलों से भारत के करीब 15 शहरों पर हमला करने की कोशिश की, जिसका भारत ने मुंह तोड़ जवाब दिया है। पाकिस्तान के इस हमले को भारत की एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली (Integrated Air Defence System) और S-400 ट्रायम्फ मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने विफल कर दिया।

भारत सरकार की ओर से जारी PIB प्रेस रिलीज में बताया गया कि हमले के मलबे इन स्थानों से बरामद किए गए, जिससे पाकिस्तान की नापाक रणनीति की पुष्टि हुई। पाकिस्‍तान ने भारत की जिन 15 जगहों अवंतिपुरा, चंडीगढ़, श्रीनगर, जम्मू, नाल, पठानकोट, फलोदी, उत्तर लाई, अमृतसर, भुज, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा पर हमले की कोशिश की है, इनमें 3 जगह नाल, फलोदी और उत्तरलाई राजस्‍थान में स्थित है।

India Pakistan War 2025

सवाल उठता है कि भारत-पाकिस्‍तान के बीच जंग जैसे हालात में पाकिस्‍तान ने आखिर राजस्‍थान की तीन नाल, फलोदी और उत्तरलाई जगहों को निशाना क्‍यों बनाया है?

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राजस्‍थान के नाल, फलोदी और उत्तरलाई क्यों अहम हैं?

राजस्थान के नाल, फलोदी और उत्तरलाई एयरबेस भारतीय वायुसेना की पश्चिमी सीमा पर मजबूत रक्षात्मक दीवार हैं। इनकी भौगोलिक स्थिति पाकिस्तान की सीमा के बेहद करीब है, जिससे ये किसी भी संभावित हमले का पहला जवाब देने वाले केंद्र बनते हैं। नाल एयरबेस पाकिस्तान के बहावलपुर और रहीम यार खान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी में सक्षम है, जबकि फलोदी और उत्तरलाई जैसलमेर और बाड़मेर के समीप होने के कारण सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं।

India Pakistan War

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (India-Pakistan International Border) में राजस्थान की कुल लंबाई लगभग 1,070 किलोमीटर है। यह सीमा राजस्थान के पश्चिमी जिलों से होकर गुजरती है। नीचे जिलेवार सीमा की अनुमानित लंबाई दी गई है।

राजस्थान के जिलों में भारत-पाकिस्तान सीमा

जिला सीमा की लंबाई (किमी में)
श्रीगंगानगर-210 किमी
बीकानेर-170 किमी
जैसलमेर-470 किमी
बाड़मेर-220 किमी
कुल-1,070 किमी

जैसलमेर जिला सबसे लंबी सीमा साझा करता है। श्रीगंगानगर और बाड़मेर में कई BSF चौकियाँ हैं। यह सीमा अंतरराष्ट्रीय रूप से मान्यता प्राप्त है और पूरी तरह बाड़ से घिरी हुई नहीं है, जिससे इन क्षेत्रों का सामरिक महत्व और बढ़ जाता है।

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पाकिस्तान की नाकाम कोशिश और भारत का करारा जवाब

पाकिस्तान के इस हमले को भारत की एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली और S-400 ट्रायम्फ मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने विफल कर दिया। सरकार की ओर से जारी PIB प्रेस रिलीज में बताया गया कि हमले के मलबे इन स्थानों से बरामद किए गए, जिससे पाकिस्तान की मंशा और उसकी आक्रामक रणनीति की पुष्टि हुई।

ऑपरेशन सिंदूर और S-400 की भूमिका

भारत की ओर से चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर-1' के तहत भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके के कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इसमें हैमर, स्कैल्प जैसे आधुनिक हथियारों के साथ S-400 ने भारतीय हवाई क्षेत्र की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई। पाकिस्तान के लाहौर में एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त किया गया - यह संदेश साफ था कि भारत जवाब देने में न सिर्फ सक्षम है, बल्कि निर्णायक भी।

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तकनीकी तुलना: S-400 बनाम HQ-9

पाकिस्तान के पास चीन से लिया गया HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम है जिसकी अधिकतम रेंज 300 किलोमीटर है। भारत का S-400 ट्रायम्फ रूस से प्राप्त है, जिसकी मारक क्षमता 400 किलोमीटर तक है और यह चार अलग-अलग रेंज में हमलों को रोक सकता है। SIPRI के अनुसार, S-400 दुनिया का सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम माना जाता है।

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