Independence Day:चौथमल बुनकर ने बनाया था वो तिरंगा, जिसे पहली बार पं. नेहरू ने लाल किले पर फहराया
First Tiranga Story Aaluda Dausa Rajasthan: '1947 के भारतीय प्रथम झंडा बुनकर चौथमल निवास, लाल किले की शान।' यह बात राजस्थान के गांव अलूदा में उस शख्स के घर के बाहर साइन बोर्ड पर लिखी है, जिसकी कहानी आजाद भारत की पहले स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी है।
राजस्थान के दौसा जिला मुख्याल से करीब 15 किलोमीटर दूर गांव अलूदा के रहने वाले चौथमल बुनकर को आजाद भारत का वो पहला झंडा तैयार करने का गर्व मिला, जिसे प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने फहराया था।

15 अगस्त 2024 को भारत अपने 78वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में लाल किले पर तिरंगा फहराकर देश को सम्बोधित किया। एक राष्ट्र एक चुनाव से लेकर 2036 में ओलंपिक की मेजबानी तक का जिक्र किया।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मीडिया से बातचीत में दौसा खादी ग्रामोद्योग समिति के मंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि हमारे यहां के बुनकर को तिरंगा तैयार करने का ऑर्डर 1947 में 15 अगस्त से पहले ही मिल गया था।
दौसा के अलावा अन्य ग्वालियर व हुगली आदि जगहों से भी तिरंगे तैयार करवाए गए थे। कहा जाता है कि लाल किले पर फहराया गया तिरंगा दौसा में ही बना था।
बता दें कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान गांव अलूदा के सैकड़ों बुनकर परिवार महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर चरखा काता करते थे। चरखा कातकर हाथों से तैयार तिरंगे को दिल्ली भेजा करते थे। गांव अलूदा के अलावा जयपुर जिले के गोविन्दगढ़ में तैयार किया गया तिरंगा दिल्ली भेजा गया था।
दौसा के गांव अलूदा के खादी ग्रामाद्योग में चौथमल ने दो माह मेहनत करके जो तिंरगा बनाया था। उसेको स्वतंत्रता सेनानी देशपांडे और टाट साहब ने गोविंदगढ़ व अलवर होते दिल्ली पहुंचाया था, जो बाद में पहले स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर पर फहराया गया था।












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