खेल-खेल में भाला जा धंसा युवक के सीने में, मौके पर हुई मौत
जयपुर। राजस्थान में एक दर्दनाक घटना बुधवार को देर शाम घटी, जब अभ्यास के लिए एक खिलाड़ी ने जोर से भाला फेंका। वह भाला मैदान में ही नजदीक खड़े 15 वर्षीय छात्र सचिन शर्मा के सीने में जा धंसा। छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। अपने जिगर के टुकड़े की अचनाक आई मौत की खबर ने परिजनों को भीतर तक हिला कर रख दिया।
गम्भीर बात यह है कि खिलाड़ियों के अभ्यास के दौरान कोई पीटीआई मैदान में नहीं था और मौके पर एक अप्रशिक्षित शिक्षक बच्चों को खेल प्रतियोगिता की तैयारी करवा रहा था। परिजन बेहाल होकर विद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।

पुलिस के अनुसार 7 सितंबर को जयपुर-अजमेर हाईवे पर स्थित बांदरसिंदरी में कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों की खेल प्रतियोगिता होने वाली है। इसे लेकर प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में छात्र खेल अभ्यास कर रहे हैं। ऐसा ही अभ्यास भीलवाड़ा के बरूंदनी कस्बे में स्थित संस्कृत विद्यालय मुनिकुल ब्रह्मचर्याश्रम वेद संस्थान के मैदान में चल रहा था। यहां मैदान पर बच्चे विभिन्न खेल खेल रहे थे, जिसमें भाला फेंक का भी अभ्यास चल रहा था। मृतक सचिन शर्मा विद्यालय की भाला फेंक टीम में था।
बुधवार शाम को अंधेरा होने को था और कई खिलाड़ी अपना-अपना भाला स्कूल के कमरे में रखने पहुंच रहे थे। इस बीच एक खिलाड़ी ने अखेभ्यास के लिए भाला फेंक, जो नजदीक खड़े हमीरगढ़ के आमली निवासी छात्र सचिन के सीने में जा घुसा। सचिन बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ा और खून से लथपथ हो गया। घटना से मैदान में हंगामा मच गया और चीख-पुकार से सभी सचिन के पास आ गए। सचिन को संस्थान प्रबंधक ने पहले नजदीक के सिंगोली अस्पताल में ले गए। जहां डॉक्टरों ने बड़े अस्पताल ले जाने को कहा। इसके बाद सचिन को भीलवाड़ा जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां सचिन को मृत घोषित कर दिया।
घटना से आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पीटीआई सहित अन्य शिक्षक अभ्यास के दौरान शिक्षक दिवस की तैयारी के लिए व्यस्त हो गए। ऐसे में बच्चों के पास कोई भी शिक्षक नहीं रहा। जब घटना हुई, तो शिक्षक भी अस्पताल पहुंचने से पहले नदारद हो गए और घायल बच्चे को ग्रामीणों के भरोसे छोड़ दिया। परिवार में सबसे छोटा था सचिन, जो छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था। दो दिन पहले ही वह होस्टल से लौटा था। वेद संस्थान के प्रबंधक मुरली पंचोली ने कहा कि यह दुखद घटना अचानक घटी। संस्थान के कर्मचारी व शिक्षक घायल छात्र को समय से अस्पताल ले गए थे। लापरवाही का आरोप बेबुनियाद है।












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