Huanman Beniwal: छलका हनुमान बेनीवाल का दर्द-'मैं नहीं लड़ना चाहता था चुनाव', क्या ज्योति मिर्धा से डर गए?
Hanuman Beniwal News: क्या आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल वाकई लोकसभा चुनाव 2024 नहीं लड़ना चाहते थे? क्या हनुमान बेनीवाल BJP candidate Dr. Jyoti Mirdha से डर गए? क्या कांग्रेस वाले ही हनुमान बेनीवाल के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं?
लोकसभा चुनाव 2024 में राजस्थान की नागौर सीट पर क्या सियासी गणित चल रहा है इसकी हकीकत तो हनुमान बेनीवाल ही जाने, मगर 19 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले हनुमान बेनीवाल का दर्द छलक पड़ा है।

लोकसभा चुनाव 2024 में नागौर सीट से इंडिया गठबंधन प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल ने अपनी सहयोगी पार्टी कांग्रेस के नेताओं पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इंडिया गठबंधन को भी बेनीवाल ने तरबूज का ढेर बताया है।
रविवार रात को नागौर संसदीय क्षेत्र के गांव गौराऊ में जनसभा को सम्बोधित करते हुए हनुमान बेनीवाल ने कहा कि 'मैंने हाथ जोड़कर कहा था कि मैं लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहता। मुझे अभी पांच साल विधायक रहकर राजस्थान में लड़ाई लड़नी है। अकेला आदमी दिल्ली में नहीं लड़ सकता।'

तीन कांग्रेस नेताओं को पार्टी से निकाला
हनुमान बेनीवाल ने नागौर कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 'मैं राजस्थान कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा व नागौर कांग्रेस जिलाध्यक्ष जाकिर हुसैन गेसावत को बार-बार कह रहा हूं कि नागौर में कांग्रेस के पांच-सात नेता ऐसे हैं, जो भाजपा का प्रचार कर रहे हैं।'
हनुमान बेनीवाल ने भाजपा का प्रचार करने वाले कांग्रेस नेताओं को पार्टी से बाहर निकालने को कहा था, जिस पर कांग्रेस ने सोमवार रात को भाजपा उम्मीदवार ज्योति मिर्धा के रिश्ते में लगने वाले भाई समेत तीन कांग्रेसी नेताओं को पार्टी से निकाल दिया।
ज्योति मिर्धा के चचेरे भाई हैं तेजपाल मिर्धा
नागौर में कांग्रेस ने जिन नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधयों में संलिप्तता के आरोप में छह साल के लिए निलंबित किया है, उनमें तेजपाल मिर्धा, सुखराम डोडवाडिया और भंवरराम सुबका हैं। तेजपाल मिर्धा खींवसर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी रहे। वर्तमान में कुचेरा नगर पालिका अध्यक्ष हैं। रिश्ते में ज्योति मिर्धा के चचेरे भाई लगते हैं।












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