कन्हैया लाल हत्याकांड के आरोपी को जमानत मिलने पर भड़के डोटासरा, कहा-'आरोपियों को बचा रही भाजपा सरकार'
Rajasthan News: उदयपुर में चर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपी जावेद को गुरुवार को जमानत मिल गई है। इस घटना से राजस्थान में राजनीतिक उथल-पुथल मच गई है। पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह आरोपियों को बचा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी कन्हैयालाल के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पंकज भंडारी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने मोहम्मद जावेद को जमानत दे दी है। जमानत 2 लाख रुपए के मुचलके और 1 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि पर मंजूर की गई है। इस फैसले के बाद राजनीतिक नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई है।

गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सवाल किया कि कन्हैया लाल को न्याय कब मिलेगा और मोदी सरकार के मामले को संभालने की आलोचना की। उन्होंने लिखा कि 26 महीने बीत चुके हैं। कन्हैया लाल को न्याय कब मिलेगा। हम 28 जून 2022 का वह दिन नहीं भूल सकते। जब नफरत की आग में उदयपुर में कन्हैया लाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
डोटासरा ने जावेद की जमानत के लिए मोदी सरकार की कमजोर पैरवी को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की कमजोर पैरवी के कारण ही आज एक आरोपी जावेद को कोर्ट से जमानत मिल पाई। उन्होंने दोहराया कि भाजपा भले ही आरोपियों को बचा रही हो। लेकिन उनकी पार्टी कन्हैया लाल के परिवार का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कन्हैया लाल के बेटे यश ने भी अदालत के फैसले पर असंतोष जताया। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जल्द ही और आरोपियों को जमानत मिल सकती है। यश ने अपने पिता की हत्या के लिए न्याय दिलाने में डबल इंजन की सरकार पर भी सवाल उठाए हैं।
आपको बता दें कि कन्हैया लाल की 28 जून 2022 को मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने घटना से एक दिन पहले रियाज अत्तारी से कथित तौर पर मिलने के आरोप में जावेद को 20 दिन बाद गिरफ्तार किया। जावेद के घर की तलाशी के दौरान एक कुंद तलवार मिली। जिसके आधार पर उस पर आर्म्स एक्ट के तहत आरोप लगाए गए।
उदयपुर में आर्टिफिशियल ज्वैलरी बेचने वाले जावेद की पहचान उसके पड़ोसी वसीम के जरिए रियाज अटारी से हुई थी। जावेद पर हत्या के मामले में जासूसी करने का आरोप है। एनआईए की अपील पर कोर्ट ने उसकी पिछली जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। लेकिन इस बार हाईकोर्ट ने उसकी याचिका स्वीकार कर ली।












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