Rajasthan News: झुंझुनूं में किडनी कांड मामला, सरकार ने किया ऐसा एक्शन, मच गया हड़कंप
Rajasthan News: राजस्थान के झुंझनूं में किडनी कांड के मामले को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए धनखड़ अस्पताल के आईसीयू से लेकर डॉक्टर चैैम्बर और फिर अस्पताल को सीज कर दिया है।
धनखड़ अस्पताल में किडनी का गलत ऑपरेशन करने के मामले में राज्य सरकार ने अस्पताल का क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन रद्द कर अस्पताल को सीज कर दिया गया है। विभिन्न राजकीय स्वास्थ्य योजनाओं में अस्पताल का एपेनलमेंट निरस्त करने की कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।

झुंझुनूं के हाउसिंग बोर्ड स्थित धनखड़ अस्पताल में किडनी का गलत ऑपरेशन करने के मामले में राज्य सरकार ने गम्भीरता दिखाते हुए बड़ा एक्शन कर दिया है। अस्पताल को सीज कर रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया गया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने बताया कि अब अस्पताल का पूर्व सेवाकार अंशदायी स्वास्थ्य योजना, राजस्थान गवर्नमेंट स्वास्थ्य योजना और आयुष्मान आरोग्य योजना से अस्पताल का एपेनलमेंट निरस्त करने की कार्यवाही की जा रही है।
सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन के अनुसार पूरे प्रकरण में 5 सदस्यीय जांच दल गठित कर जांच करवाई जा रही है। जांच के बाद पुलिस अधीक्षक झुंझुनूं की ओर से एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित मरीज केे भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज करने तक की जांच होगी।
डॉ. धनखड़ हो चुका है बीडीके से निलंबित
डॉ.संजय धनखड़ पहले राजकीय भगवानदास खेतान अस्पताल में कार्यरत था। वहां इलाज में लापरवाही बरतने के पहले भी उस पर आरोप लग चुके हैं। इस तरह के मामले न्यायालय में विचाराधीन भी है।
डॉ. संजय को राजकीय भगवानदास खेतान अस्पताल से इलाज में लापरवाही बरतने पर 27 मार्च 2017 को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद 2020 में उसे सीएचसी भालेरी लगाया गया। लेकिन उसने ज्वाइन नहीं किया और खुद का अस्पताल खोल लिया।
मामले में पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने अस्पताल का रिकॉर्ड खंगाला गया है। डॉ. संजय धनखड़ के बयान लिए गए। सीएमएचओ डॉ. राजकुमार डांगी व पांच सदस्यीय जांच दल पहुंचा। इसके बाद जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल अस्पताल पहुंची।
लेकिन तब तक अस्पताल में एक भी मरीज नहीं था। अस्पताल परिसर के सभी पलंग खाली पड़े थे। कलक्टर व सीएमएचओ का कहना था कि कई मरीजों को बीडीके अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। जबकि कई मरीज स्वत: ही चले गए।
मीडिया के सवालों पर क्या बोली जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ?
जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने बताया कि अस्पताल को सीज कर दिया है। मेडिकल नेग्लीजेंसी की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है।
मेडिकल वाले मामले में जांच रिपोर्ट आए बिना कोई कमेंट नहीं करूंगी, हमारी टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है। किडनी गिरोह से जुड़े होने के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि अभी टीमें जांच कर रही है। मरीज पहले जयपुर थी, अब बीकानेर ले गए हैं।












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